






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 जनवरी 2026। पूरे अंचल में सर्दी का कहर जारी है। सोमवार की सुबह बर्फीली हवा ने सर्दी को तीखा कर दिया है। हालांकि कोहरे से राहत मिली है परंतु खुले में आज बर्फ जम गई है। श्रीडूंगरगढ़ रोही, बिग्गा, बिग्गाबास रामसरा, बरजांगसर, रीड़ी, लाढेरा, जैतासर, मोमासर, पुदंलसर सहित चारों और फसलों पर बर्फ जम गई है। किसानों ने बर्फ जमने से फसलों में नुकसान की आशंका जताई है। वहीं धूप निकलने से राहत का अहसास भी किया है। मौसम विभाग में बीकानेर चूरू सहित 11 स्थानों पर शीतलहर का अलट्र जारी किया है। ठंड से अभी राहत नहीं मिलेगी और प्रदेशभर में दो तीन दिन ठंडी हवाएं चलेगी।
खेती को सर्दी और पाले से बचाने के प्रमुख उपाय।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसानों के लिए कृषि विशेषज्ञों द्वारा फसलों को सर्दी व पाले से बचाने के लिए गाइडलाइन जारी की गई है।
हल्की सिंचाई:- पाले की संभावना होने पर रात के समय खेत में हल्की सिंचाई करें। इससे मिट्टी में गर्मी बनी रहती है और पाला नहीं जमता।
धुआँ करना:- रात में 2 बजे के बाद खेत के चारों ओर, विशेषकर उत्तर-पश्चिम दिशा में, सूखी घास, कचरा या चारे को जलाकर धुआँ करें।
फसलों को ढकना:- छोटे पौधों और सब्जियों को पॉलीथिन शीट या बोरियों से ढकें। सब्जियों के लिए ‘लो-टनल’ तकनीक का उपयोग किया जा सकता है।
मल्चिंग:- पौधों के चारों ओर पुआल, सूखी घास या पत्तों की परत बिछाएं। यह मिट्टी को गर्म रखता है और नमी बनाए रखता है।
पाला-रोधी छिड़काव:– कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, 0.1% गंधक के तेजाब (Sulfuric Acid) का छिड़काव करने से फसल पर पाले का असर कम होता है।
पोटाश का उपयोग:- सल्फर या पोटाश युक्त उर्वरकों का उपयोग करें, जो पौधे को गर्मी प्रदान करते हैं।
कतारों में बाड़:- उत्तर-पश्चिमी दिशा में कटीली झाड़ियाँ या घास-फूस की दीवार बनाकर सर्द हवाओं (शीत लहर) को रोकें।
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