






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 मई 2026। कस्बे के रेलवे फाटक पर वर्षों से लगने वाले लंबे जाम और आमजन को परेशानी से अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। तीन साल से स्वीकृत रेलवे ओवरब्रिज का कार्य आखिरकार शुरू हो गया है। कार्य शुरू होने की खबर के बाद दक्षिणी गांवो के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है, क्योंकि रेलवे फाटक पर दिनभर में 20 से अधिक बार लगने वाले जाम से आमजन, व्यापारी, विद्यार्थी और मरीज तक बुरी तरह से परेशान हो गए है। कई बार तो एम्बुलेंस और जरूरी सेवाएं भी यहां जाम में फंसकर घातक देरी में बदल जाती है।
रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से आवाज उठाई जा रही थी। इस मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन भी हुए और अनेक सामाजिक संगठनों व जागरूक नागरिकों ने संघर्ष किया। समाजसेवी तोलाराम जाखड़ ने इसे आमजन की जीत बताते हुए कहा कि रेलवे फाटक पर रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। उन्होंने ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर धरना देने वाले धरनार्थियों और संघर्ष करने वाले सभी लोगों के प्रयासों को सराहा। जाखड़ ने रेलवे प्रशासन द्वारा कार्य शुरू करवाने पर आभार जताते हुए कहा कि ओवरब्रिज बनने के बाद कस्बे की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। अब ओवरब्रिज के निर्माण से सालासर से श्रीगंगानगर तक सफर करने वाले लोगों को राहत मिल सकेगी। विदित रहें 9 मार्च 2023 को ओवरब्रिज के लिए दिए जा रहें धरने के 48वें दिन प्रस्ताव पर सहमति बनी और धरना स्थगित किया गया था। प्रस्ताव के अनुसार 54 करोड़ की लागत से 7 मीटर चौड़ा व 800 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनेगा। ये कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा करवाया जा रहा है और सूत्र बता रहें है कि इसके पूरा होने का समय करीब 1 साल है। बता देवें 13 जुलाई 2024 को विधायक ताराचंद सारस्वत ने विधानसभा में इस समस्या को उठाते हुए वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृतियां जयपुर से जारी करवाई। आखिरकार मई 2026 में काम शुरू हुआ।
काम शुरू होने से एकबार तो बढ़ी परेशानी, हो व्यवस्था।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कांग्रेसी नेता मूलाराम भादू, हरिराम बाना, हेतराम जाखड़ ने काम शुरू होने पर प्रसन्नता जताई और काम शुरू होने से बढ़ी परेशानी का जिक्र किया। अनेक जागरूक युवाओं ने बताया कि अत्यधिक ट्रेफिक के कारण यहां वाहनों को आगे बढ़ने में ही परेशानी हो रही है। ऐसे में यहं एक या दो यातायातकर्मी या होमगार्ड की नियुक्ति की जानी चाहिए जिससे ट्रैफिक संचालन की व्यवस्था ठीक से हो सकें। अन्यथा प्रशासनिक बेपरवाही से लोग परेशान होंगे।




