






उठाई शिक्षकों की मांगें, दिया सीएम के नाम ज्ञापन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स । अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) द्वारा गुरुवार को शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदार को ज्ञापन दिए गए। महासंघ के उपखंड कोषाध्यक्ष मनोज लखारा ने बताया कि संगठन द्वारा पूरे राजस्थान में गुरूवार को उपखंड स्तर पर ज्ञापन दिए गए है। जिसके तहत श्रीडूंगरगढ़ में भी शिक्षकों ने एकत्र होकर ज्ञापन दिया। महासंघ के जिला बीकानेर सभाध्यक्ष अनिल सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि सात सूत्रीय मांगपत्र में विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 30 जून तक बढ़ाने, तृतीय श्रेणी अध्यापकों की डीपीसी एवं स्थानांतरण करने, नवक्रमोन्नत विद्यालयों में पद सृजित करने, आरजीएचएस (RGHS) योजना का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों एवं प्रबोधकों की वेतन विसंगतियां दूर करने तथा संविदा शिक्षकों को नियमित करने सहित विभिन्न प्रमुख मांगों को शामिल किया गया है। इस अवसर पर महासंघ के जिला सभाध्यक्ष अनिल सोनी, उपखंड वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकुमार भार्गव, प्राचार्य अशोक बबेरवाल, किशोरसिंह राजपुरोहित, मनोज लखारा, दयाशंकर शर्मा, नवरतन सारस्वत, नेमीचंद मारू, प्रेमचंद शर्मा, हरिहरनारायण एवं पूर्णचंद प्रजापत सहित बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता एवं सदस्य उपस्थित रहे।

भारतीय किसान संघ ने कृषि मंडी में किसानों की सुविधाओं के लिए उठाई आवाज।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। भारतीय किसान संघ की मासिक बैठक गुरूवार को तहसील अध्यक्ष बजरंग धारणियां की अध्यक्षता में संपन्न हुई। धारणियां ने बताया कि बैठक के बाद सदस्यों ने कृषि मंडी की मूलभूत सुविधाओं के लिए एसडीएम श्रीडूंगरगढ़ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों के लिए कृषि मंडी में शौचालय की सुविधा करने, स्वच्छ पीने का पानी की व्यवस्था करने, गेट पास उपलब्ध करवाए जाने, व टीन शेडो में व्यापारियों का माल पड़ा है उनको खाली करवा कर किसानों को स्थान सौंपे जाने की आवाज उठाई। जिससे किसान अपना माल टीन शेडों के नीचे रख सकें। वहीं मंडी परिसर में विश्रामगृह की व्यवस्था सुचारू की जावें, किसान कलेवा की भी व्यवस्था की जाए, सोनियासर से राजपुरा एमडीआर रोड 298 निकल रही है, जिसमें सड़क निर्माण कार्य के दौरान प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की गई। इस दौरान श्रवणसिंह पुंदलसर, रामरतन, श्योपत, मांगीलाल बिश्नोई, बलवंत सेन, अरुण दर्जी, अग्रसेन, पदमसिंह, अजीतसिंह, विक्रमसिंह, मनीराम, ओमदास स्वामी सहित अनेक सदस्य मौजूद रहें।




