May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 जुलाई 2021। राज्य सरकार के स्कूल खोलने के निर्णय का स्कूल एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएशन सेवा राजस्थान ने स्वागत किया। संगठन की बैठक आज मनोज गुसाईं की अध्यक्षता में संपन्न हुई और बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा 2 अगस्त से प्रदेश में स्कूलें शुरू करने के फैसले का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। इसके साथ गत वर्षों का आरटीई का भुगतान करने, प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने, कुछ शिक्षा सत्र में ऑफलाइन प्रवेश हो गए लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण ऑनलाइन प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों को प्रवेश हेतु पोर्टल पुनः खोलने तथा नई मान्यता क्रमोन्नति के लिए जारी दिशा-निर्देशों पर चर्चा की गई जिसमें लैंड कन्वर्जन को मान्यता के लिए अनिवार्य बनाए जाने, शहरी क्षेत्रों में 1000 मीटर व ग्रामीण क्षेत्र में 4000 मीटर भूमि की अनिवार्यता को अनुचित बताया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में तो फिर भी 4000 मीटर भूमि संभव है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में 1000 मीटर भूमि का मिल पाना बहुत मुश्किल काम है। ऐसी स्थिति में भूमि की माप दंड की सीमा की अनिवार्यता व लैंड कन्वर्जन में शिक्षा सत्रो से आ रही शीतलनता को जारी रखने का प्रस्ताव सरकार शिक्षा विभाग को भेजने का निर्णय लिया गया। मान्यता नियमों में सरलीकरण के लिए सरकार व सक्षम अधिकारियों को लिखने का निर्णय लिया गया बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इस बात पर चिंता जाहिर की कि यदि इस तरह के नियम रहे तो गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं की मान्यता होना मुश्किल हो जाएगा जिससे समाज में शिक्षा के प्रचार एवं प्रसार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। सरकारी क्षेत्र के साथ-साथ गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं का भी समाज को शिक्षित करने में बहुत बड़ा योगदान रहा है।सरकार को चाहिए की मान्यता क्रमोन्नति के नियमों में शीतलनता जारी रखी जाए तथा नियमों का सरलीकरण किया जाए। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष कोड़ा राम भादू, ओमप्रकाश भाकर, हरि सिंह शेखावत, राकेश व्यास, रामलाल जाखड़, कुंभाराम घिंटाला, नरेंद्र जाखड़, राम सिंह भादू, मूलचंद गोदारा, मोहनसिंह मील, रामकिशन ज्याणी, मनीष शर्मा, रेवंत सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए।