






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स श्रीडूंगरगढ़। एक तरफ जहां आमजन बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण मार्किट में जाते वक्त कतराता है वहीं शहर के मुख्य बाजारों में बिगड़ी हुई यातायात व्यवस्था अपने चरम पर है। यहां किसी को किसी की दुविधा से कोई मतलब नहीं है मतलब है सिर्फ खुद के आराम से। मुख्य बाजार में जहाँ तहां चालक अपने वाहनों को खड़ा कर देते हैं। दुकानों के बाहर दुकानदारों द्वारा रोड को पहले ही अतिक्रमण करके छोटा कर दिया है साथ ही सड़क के दोनों ओर अवैध संचालित गुमटियों, छोटे छोटे ठेलों वालों ने भी रोड के निम्नीकरण में पूरा योगदान दे रहे हैं। फिर कोढ़ में खाज कर देते है ये दुपहिया, चार पहिया वाहन। भादानी कटला के पास से होकर निकलने वाली गली तो दिन में इतनी छोटी हो जाती है कि एक ऑटो भी वहां से नहीं निकल सकता। गाँव जाने वाले वाहन सवारी को देख जहां मर्जी अपने साधन को रोक देते हैं और उसमें जितने यात्री बैठाने की क्षमता है उससे 3गुने ज्यादा की सवारी बैठाई जाती है। फिर उसमें यह नहीं देखा जाता है कि बैठने वाला स्टूडेंट है या महिला। कल ही कोई अनहोनी हो गई तो सारे लोग प्रशासन को कोसेंगे पर गलती की शुरुआत कहीं हमारे से ही है।




