May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 अक्टूबर 2022। समर्थ को नहीं दोष गुंसाई, कमजोर की कौन करे सुनाई, समाज में कमजोर और मजबूत के बीच होने वाले इस भेदभाव को इन पक्तियों में सामान्य बोल चाल की भाषा में बतौर व्यंग्य कहा जाता है लेकिन यह हालात क्षेत्र के किसानों के इन दिनों देखे जा सकते है। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र है और आज भी यहां का अधिकाशं हिस्सा बारानी किसान ही बुवाई करते है लेकिन फिर भी जब भी किसान या किसानी की बात आती है तो केवल चर्चा कृषि कुएं वाले किसानों की ही होती है। परन्तु इन बारानी किसानों को संभालने वाला कोई नहीं है। यहां के कृषि कुंए क्षेत्र के बड़े क्षेत्रफल को सिंचित भूमि बना रहे है कृषि कुंओं पर नकदी फसलों के कारण लगभग कृषि कुंए वाले किसान सम्पन्न एवं समर्थ भी है और सर्मथ के साथ सभी होते है। वहीं दूसरी और बारानी किसान आज भी मजदूरी करने वाले एवं पार्ट टाईम खेती करने वाले सामान्य जन होते है। ऐसे में उनकी सुनवाई करने वाला तो दूर कोई आवाज उठाने वाले भी नहीं मिल रहे है। कृषि कुंओं वाले किसानों की समस्याओं पर क्षेत्र में कई बार आंदोलन हो चुके है लेकिन बारानी किसान हर साल अनेकों समस्याओं के बीच भी अपनी परेशानी से स्वयं ही जूझते नजर आ रहे है। इस बार भी बारानी किसान क्षेत्र में मायूस है और बिना फाल (ऐसी फसल जिसमें उपज की बाली नहीं बन पाती) की फसल की कटाई करने को मजबूर है। क्षेत्र में इस बार अच्छी और समय पर बारीश हुई थी इसी कारण बारानी किसानों ने ग्वार, मोठ की जम कर बुवाई की थी। लेकिन बाद में बारिश नहीं होने एवं गर्मी का मौसम बीत जाने के बाद भी लगातार तेज धूप पड़ने से बारानी फसलें जल गई है। सामान्यतया बारानी फसलों की कटाई दिपावली के आस पास होती है। लेकिन इस बार फसलें जलने के कारण अब किसान बिना फाल की फसलें की काट रहे है। गांव उदरासर के 70 वर्षीय किसान रेवंतराम ने हताश भाव के साथ बताया कि बारानी फसलों में फाल के समय भादवे महीने में बिल्कुल भी बरसात नहीं हुई और तेज गर्मी के कारण पूरी फसलें झुलस गई है। जली हुई फसलों में अधिकतम उपज मात्र 20 से 30 किलो प्रति बीघा ही बैठ रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि बारानी किसानों की इस बर्बादी की ओर राज कब ध्यान देगा.? अब इन किसानों की फसलों का सर्वे करवा कर उचित मुआवजे की आवश्यकता है।
दिया पत्र, उठाई मांग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बारानी किसानों के बुरे हालातों में मदद की गुहार भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष सुमन स्वामी ने लगाई है। सुमन स्वामी ने केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को पत्र भेजा है एवं उसमें पहले लंपी एवं अब फसलें जलने के कारण किसानों को हुए नुकसान का सर्वे करवा कर उचित मुआवजा व बीमा क्लेम दिलवाने की मांग की है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जलती फसलों की कटाई में जुटे बारानी किसान परिवार, बच्चे, बुढे, जवान, महिलाएं सभी अपने सपने समेटने के प्रयास में।