






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 अक्टूबर 2022। आज भी समाज में अकेली महिला के लिए संघर्ष कम नहीं है और उसे मजदूरी कर अपना घर चलाने की भी मंजूरी कुछ पुरातनपंथी नहीं देते है। ऐसा ही मामला सामने आया गांव कितासर भाटियान में जहां एक 42 वर्षीय महिला संतोष देवी पत्नी गिरधारीलाल जाट मेहनत मजदूरी कर अपने इकलौते बेटे की शिक्षा के लिए रूपए जुटा रही है। परंतु ये बात उसके देवर व सगी बहन को हजम नहीं हुई और दोनों ने मिलकर महिला को घायल कर दिया। श्रीडूंगरगढ़ अस्पताल में भर्ती संतोष देवी ने सहायक उपनिरीक्षक हेतराम को पर्चा बयान में बताया कि मेरा पति भोला है और खेत में रहता है। मेरा एक लड़का है जो सूरतगढ में पढ़ाई कर रहा है। मैं घर में अकेली रहती हूं तथा खेतों में मेहनत मजदूरी करके अपना घर चलाती हूं जिससे मेरा देवर सीताराम नाराज रहता है। 7 अक्टूबर को सुबह 8 बजे घर के बरामदे में झाडू निकाल रही थी तभी मेरा देवर व देवरानी गायत्री जो मेरी सगी बहन भी है। मेरे घर में आए व लाठी से मारपीट करते हुए बाखल में घसीट कर ले गए। आरोपियों ने लाठी से मारपीट करते हुए घायल कर दिया और पड़ौसी प्रह्लाद व भंवरलाल भागकर आए व बीचबचाव करते हुए मुझे बचाया। महिला ने पुलिस से दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।



