May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 जुलाई 2025। कृषि विभाग में नौकरी का झांसा देकर अनेक युवाओं से लाखों की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी युवक ने श्रीडूंगरगढ़ के एक परिवार को चंगुल में फंसा कर युवती से विवाह तक कर लिया। अब विवाहिता के सामने सच्चाई आई तो उसने खाना पीना छोड़ दिया व गहरे अवसाद का शिकार हो गई है। परेशान पिता ने पुलिस थाने पहुंच कर मामला दर्ज करवाया है। बोम्बे कॉलोनी निवासी 42 वर्षीय सन्नी पुत्र सीताराम वाल्मीकि ने थाने पहुंच कर बीकानेर निवासी अपने जवाई तनवीर व उसके पिता प्रेमप्रकाश वाल्मीकि के खिलाफ आरोप लगाए है। परिवादी ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पुत्री भावना के लिए योग्य वर की तलाश कर रहा था। किसी रिश्तेदार ने आरोपी का नाम पता बताया तो परिवादी जनवरी 2024 में बीकानेर के विनोबा बस्ती निवासी बली नं. 1 में स्थित आरोपी के आवास पर गया। आरोपी बाप बेटे सहित उसकी पत्नी तारादेवी व बेटी भी घर में थे। आरोपी ने तनवीर को दिखाया व कृषि विभाग में उसकी संविदा पर नौकरी होने की बात कही। परिवादी ने 21 जुलाई 2024 को कपड़े, फल, मिठाई देकर रोका कर लिया। आरोपी प्रेमप्रकाश ने घर में कोई कमी नहीं होने व दहेज नहीं लेने की बात कही। परिवादी का परिवार बेटी की किस्मत पर प्रसन्न हुआ और 20 अगस्त 2024 को अपने घर सगाई का कार्यक्रम रख लिया। आरोपी ने पहली बार 3 अगस्त 2024 को लड़की को 12500 रूपए ड्रेस के लिए भेजे, जो परिवादी ने 10 सितंबर को उसे वापस भेज दिए। सगाई के बाद आरोपी ने परिवादी के बेटे निखिल को कृषि विभाग में नौकरी लगवा देने के नाम पर दो लाख रूपए देने की बात कही। पीड़ित ने बताया कि रिश्ता होने से भरोसा गहरा हो गया और आरोपी उससे कभी रूपए उधार ले लेता व कभी उसे वापस भेज देता। ऐसे में 2 नवबंर 2024 को आरोपी परिवार ने उसे बताया कि आरोपी तनवीर की नौकरी पक्की हो गई है और उन्हें अधिकारियों को देने के लिए चार लाख रूपए उधार देने की बात कही। 2 लाख रूपए परिवादी आरोपी के घर जाकर दे आया। आरोपी ने 8 नवंबर 2024 को अपने घर जागरण का कार्यक्रम रखा जिसमें परिवादी परिवार सहित शामिल हुआ। अगले ही दिन उसकी पुत्री का जन्मदिन था तो आरोपी ने 20 हजार रूपए ड्रेस के लिए भेजे। शाम को तनवरी उनके घर आया तो परिवादी ने उसे 2 लाख 60 हजार रूपए दिए। कुछ रूपए लौटाने के बाद आरोपी ने विवाह तक 3 लाख 40 हजार रूपए नगदी ले लिए। उसके बाद उसके बेटे को नौकरी लगवाने के नाम पर 1,40,000 रूपए और ले लिए। 17 मई 2025 को परिवादी की बेटी से आरोपी तनवीर का विवाह हो गया। आरोपियों ने कुछ दिन तो ठीक रखा व फिर रूपए, कार की डिमांड करते हुए टार्चर करने लगे। परिवादी की बेटी के साथ मारपीट की और उससे एसी मंगवाया। 3 जून 2025 को परिवादी ने एसी खरीद कर आरोपी के घर भिजवा दी। आरोपियों ने उसकी पुत्री को डरा दिया और कुछ भी बताने से मना कर दिया। आरोपी ने निखिल की नौकरी लगवाने के नाम पर रूपए लेता रहा। 16 जून 2025 को निखिल को नौकरी जॉईन करने की बात कही तो परिवादी ने बधाई में उसे 11 हजार रूपए दिए। तनवीर ने निखिल को मैसेज कर 23 जून को जॉइन करने की बात कही। निखिल 23 जून को बीकानेर गया तो उसे पता चला कि उसकी तरह कई जने इस धोखाधड़ी के खेल का शिकार हुए है। आरोपी के खिलाफ सदर थाना में नौकरी के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ। परिवादी ने बेटी की गृहस्थी बचाने के लिए थाने में कई चक्कर लगाए तो उसे आरोपी की सच्चाई पता चली। 25 जून 2025 को परिवादी ने आरोपी के घर जाकर ओलमा दिया तो उन्होंने अपनी बहू व परिवादी की बेटी को धक्के देकर पहने हुए कपड़ों में ही घर से निकाल दिया। आरोपी ने उन्हें कार्रवाई करने पर धोखाधड़ी में फंसा देने की धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एसआई मोहनलाल मीणा को दी है।