






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 मई 2023। पढें आज का स्वास्थ्य समाचार और जानें बच्चों के सम्पूर्ण विकास में सहायक भोज्य पदार्थों की खास जानकारी।
हर माता-पिता अपने बच्चों को सबसे सर्वश्रेष्ठ और पोषणयुक्त आहार देना चाहते हैं, जिससे कि उनके नन्हें मुन्नों का संपूर्ण विकास हो और वे स्वस्थ रहें। इसकी शुरुआत सबसे पहले इस बात से होती है कि आप अपने बच्चे की थाली में क्या परोस रहे हैं। कई बार देखने को मिलता है कि बच्चों की जिद के आगे झुककर माता-पिता स्वादिष्ट भोजन देने के चक्कर सेहत से समझौता कर जाते हैं। हालांकि, कई बार भोजन के इतने सारे विकल्प होने के कारण भी बच्चों को सही न्यूट्रिशन नहीं मिल पाता, क्योंकि यह समझना कठिन हो जाता है कि उन्हें क्या परोसा जाए। अगर आप भी इसी परेशानी से जूझ रहे हैं, तो इस लेख हम कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बात करेंगे, जो हर बच्चे की थाली में होनी चाहिए। ये फूड्स इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें स्थिर विकास के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व मिल रहे हैं।
बच्चों के डाइट में जरूर शामिल करें ये 5 सूपर फूड्स
दाल
दाल, एक ऐसी खाद्य पदार्थ है जिससे ज्यादातर बच्चे दूर भागते हैं। लेकिन ये प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, फाइबर और आयरन, फोलेट और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने का सबसे बढ़िया स्त्रोत है। इसलिए बच्चों की थाली में दाल मुख्य रूप से होने ही चाहिए, ताकि उनका बेहतर विकास हो सके। रोजाना दाल खाने से हड्डियां स्वस्थ होती हैं, मांसपेशियों मजबूत होती हैं और समग्र शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है।
अनाज
अनाज, खासतौर से साबुत अनाज, बच्चों में फाइबर की कमी को पूरा करने का एक बढ़िया स्रोत है। इसे खाने से बच्चे का पाचन स्वास्थ्य अच्छा होता है और उनका पेट भी भरा हुआ महसूस करता है। अनाज विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं, जो छोटे बच्चों को बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण एलिमेंट हैं। वहीं कई अनाज आयरन से भरपूर होते हैं, जो बच्चों में आयरन की कमी वाली बीमारी एनीमिया को रोकने में मदद करते हैं।
बाजरा
बच्चे के आहार में बाजरा शामिल करने से कई तरह के लाभ मिलते हैं। बाजरा एक ग्लूटन फ्री अनाज है, जो पचाने में आसान होता है। साथ ही ये ग्लूटन इंटोलरेंस रोग वाले बच्चों के लिए भी एक अच्छा विकल्प है। यह फाइबर, प्रोटीन, विटामिन बी और ई, और मैग्नीशियम और आयरन जैसे खनिजों का भी एक अच्छा स्रोत है। बढ़ते बच्चों के लिए ये पोषक तत्व महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये हड्डी और मांसपेशियों के विकास में मदद करते हैं, इम्यूनिटी को बढ़ावा देते हैं।
ओट्स
ओट्स को खाने में कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे ओटमील, ओट-बेस्ड स्नैक्स, ओट्स चीला समेत और भी अलग तरह के डिशेज। ये फाइबर, प्रोटीन और विटामिन ई, मैग्नीशियम और जिंक जैसे आवश्यक पोषक तत्वों का खजाना हैं। ओट्स में मौजूद पोषक तत्व बच्चों में वृद्धि और विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये स्वस्थ हड्डियों, मांसपेशियों और समग्र शारीरिक स्वास्थ्य का समर्थन करते हैं। ओट्स एक कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला भोजन भी है, जिसका मतलब है कि ये ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित करने में मदद करते हैं और बच्चों में मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को कम कर सकते हैं।
क्विनोआ
क्विनोआ भी एक ग्लूटन फ्री अनाज है, जो प्रोटीन, फाइबर और विटामिन बी और ई जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है। ये पोषक तत्व बच्चों में वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक हैं। बच्चों के डाइट में क्विनोआ शामिल करने से उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली बेहतर होने में मदद मिलती है। इसमें मैग्नीशियम, आयरन और जिंक जैसे खनिज भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्वस्थ हड्डियों, मांसपेशियों और समग्र शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।



