






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 मई 2024। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र की सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था कृषि पर टिकी है और कृषि का आधार यहां का विद्युत तंत्र है। यहां के विद्युत तंत्र के लचर सिस्टम के कारण यहां एक और जहां किसान परेशान रहते है वहीं दूसरी और विद्युत निगम ठेकों पर कार्मिक रख बचत करने प्रयास में लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। यहां का यह सिस्टम क्षेत्र में लगातार कार्मिकों की जान ले रहा है और हर किसी के मन मे यही सवाल है कि यह सिस्टम और कितनी बलि लेगा। यहां पिछले कुछ समय में ही जीएसएस पर काम करते हुए गोपालसर, सातलेरा, माणकरासर कार्मिकों की जान जा चुकी थी और शुक्रवार रात उपनी में एक ओर कार्मिक को अपनी जान गंवानी पड़ी। पैसे बचाने और पैसे कमाने के विभाग व ठेकेदार फर्म के इस लचर सिस्टम और लापरवाही के कारण लगातार हादसे हो रहे है।
बढ़ रहा है आक्रोश, धरने पर पहुंचे राज्यमंत्री।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। उपनी में लापरवाही के सिस्टम के हाथों अपनी जान गंवाने वाले प्रभुदयाल स्वामी के लिए न्याय मांगने वालों की संख्या हॉस्पिटल के बाहर लगातार बढ़ रही है। धरने पर सुबह से मौजूद नेताओं द्वारा विभागीय सिस्टम के प्रति नाराजगी जताने के साथ साथ धरने पर राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त विश्वकर्मा बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, भाजपा ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष विनोद गिरी गुंसाई, विहिप जिलाध्यक्ष जगदीश स्वामी आदि भी पहुंच गए है। सभी एक स्वर में मृतक के आश्रितों को मुआवजे, नौकरी और दोषियों पर कार्यवाही की मांग को बुलंद कर रहे है।
ओवर ड्यूटी, सुरक्षा उपकरणों की कमी बनी मौत का माध्यम।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विद्युत विभाग द्वारा गांवो में बने 33 केवी जीएसएस का संचालन ठेके पर दिया हुआ है। ठेका फर्मों द्वारा पैसे कमाने एवं न्यूनतम दरों पर ठेका लेने के प्रयास में गम्भीर लापरवाहियां की जा रही है। ठेकेदार फर्मों द्वारा 8 घन्टे की शिफ्ट की सैलरी देकर 24 घंटे की तीन शिफ्ट में एक ही आदमी आए काम करवाया जाता है। साथ ही सुरक्षा उपकरणों में भी कंजूसी करते हुए मुहैया नही करवाये जाते। ऐसे में लगातार हादसे हो रहे है और ठेका फर्मों के इस गड़बड़झाले में विभाग भी कम पैसों में ठेका देने के कारण अपनी मौन समहति दे ही रहा है।




