






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 फरवरी 2024। गांव बिग्गा में धड़ देवली वीर बिग्गाजी मंदिर में चल रहें पंच दिवसीय धार्मिक महोत्सव में आज चौथे दिन संत समाज के प्रसिद्ध संत पहुंचे। जयपुर नरेना से दादूपंथ के पीठाधीश्वर आचार्य ओमप्रकाश जी पहुंचे वहीं गुजरात के वडोदरा आश्रम से साधु अधुत्याग वल्लभ जी महाराज समारोह में शामिल हुए। अध्यात्म चर्चा के दौरान दोनों संतो ने जीवन में सुखी रहने का मार्ग सत्संग को बताया। उन्होंने कहा कि मार्ग चाहे निर्गुण हो या सगुण हो, भक्ति और सत्संग ही कल्याण का मार्ग है। वहीं महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति गंगाराम जाखड़ समारोह में पहुंचे और लोक देवता वीर बिग्गा के बारे में जानकारी देते हुए प्रत्येक परिवार के हर एक सदस्य को कर्तव्य निर्वहन की प्रेरणा वीर बिग्गा जी से लेने की बात कही। जाखड़ ने कहा कि तभी परिवार मजबूत होगा और परिवार से देश मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि हमारे पूजनीय पुर्वज कर्तव्य परायणता के पथ पर स्वयं की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटे तो हमें भी उनसे सीख लेते हुए कर्तव्य परायणता का प्रण करना चाहिए। कार्यक्रम में राजस्थान पुलिस के डीआईजी सवाईसिंह गोदारा भी पहुंचे। सभी अतिथियों का समिति की ओर से स्वागत सम्मान किया गया। इस दौरान क्षेत्र के अनेक मौजिज लोग मौजूद रहें व कार्यक्रम का संचालन तोलाराम जाखड़ ने किया। मंगलवार रात को जागरण का आयोजन हुआ और आज सुबह हवन यज्ञ में यजमानों ने आहुतियां दी। बुधवार रात भी जागरण का आयोजन होगा। वहीं दिन भर विभिन्न उपक्रमों की बोलियों का क्रम भी जारी रहा।
कल होगा मुख्य आयोजन, दोपहर को होगी पूर्णाहुति।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मंदिर प्रांगण में आयोजित धार्मिक महोत्सव का गुरूवार को पूर्णाहुति होगी। सुबह सात बजे कलश व ध्वजा तोरण स्थापना होगी व दोपहर एक बजे विष्णु यज्ञ की पूर्णाहुति की जाएगी। 12.30 बजे अभिजीत मुहूर्त में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।
सैंकड़ो श्रद्धालु पहुंच रहें दर्शन करने, पांच मशीनों से बन रही रोटियां, सजी है अस्थाई दुकानें भी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पंच दिवसीय आयोजन में सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक भंडारे में प्रसाद रूप में भोजन व्यवस्था की जा रही है। वहीं शाम को 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक भोजन का क्रम जारी रहता है। यहां पांच रोटी की मशीनों से रोटियां बनाई जा रही है और दर्शनार्थी श्रद्धालुओं सहित सैंकड़ो लोग प्रसाद ग्रहण कर रहें है। भंडारे में पहले दिन से बुधवार तक क्रमश: संगरिया का पिथाणी जाखड़ परिवार, छतरगढ़ व पुगल के जाखड़ परिवार, भामटसर व बायतु के जाखड़ परिवार, बोड़वा के देराजराम जाखड़ परिवार के सहयोग से संपन्न हुआ है। वहीं पूर्णाहुति के दौरान गुरूवार के भंडारे का आयोजन श्रीवीर बिग्गाजी मानव सेवा संस्थान द्वारा की जाएगी।













