






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 दिसंबर 2025। जंगली सुअरो की बढ़ती संख्या व इनसे हो रहें फसलों के नुकसान से किसान बुरी तरह से परेशान है।
कई बार किसानों ने प्रशासन व वन विभाग को पत्र देकर जंगली सुअरों की समस्या से निजात दिलवाने की गुहार लगाई है। परंतु स्पष्ट नियमावली के अभाव में किसानों की ये समस्या ज्यों की त्यों ही नहीं है बल्कि बढ़ रही है। रीड़ी निवासी 32 वर्षीय युवक मनोज जाखड़ शुक्रवार सुबह अभयसिंहपुरा की रोही में स्थित अपने खेत में लाइन बदलने का काम कर रहा था। तभी अचानक उस पर एक जंगली सुअर ने हमला कर दिया और एक हाथ पर दो जगह व एक पैर में दो जगहों पर दांत लगाकर खा गया। मनोज के शोर मचाने पर परिजन लाठियां लेकर दौड़े तो जंगली सुअर भाग गया। खेत पड़ौसी भी एकत्र हो गए व जंगली सुअरों से परेशान होने की बात कही। किसानों ने बताया कि ये सुअर इतने बेखौफ हो गए है कि आए दिन ढाणियों में घुसने लगे है। ये ढाणियों में नुकसान करने के साथ उगने वाली फसलों को खासा नुकसान पहुंचा रहें है। किसानों ने बताया कि वे लगातार एक साल से इन सुअरों से छुटकारा दिलवाने की मांग प्रशासन से कर रहें है। किसानों ने बताया कि इनका वजन एक क्विंटल से अधिक होता है और पास में भी फटकने नहीं देते। उपजिला अस्प्ताल के डॉ जगदीश गोदारा ने बताया कि जंगली सुअर के काट जाने पर किसान को प्राथमिक रूप से घाव को साबुन या डेटॉल से अच्छे से धो लेना चाहिए। तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंच कर डॉक्टर से जांच करवाएं। रेबीज का टीका लगवा कर घाव अधिक होने पर सीरम भी लगवाए। जिससे संक्रमण का खतरा भी टल सकें।





