May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 मार्च 2024। श्रीडूंगरगढ़ में कुछ प्रगतिशील किसानों को अब प्याज की बुआई भी रास आने लगी है। इस बार जिले भर में रबी की फसल में प्याज की बुआई में 12 से 13 हजार बीघा हुई है जिसमें अकेले श्रीडूंगरगढ़ में करीब 5000 से 5500 बीघा में प्याज बुआई हुई है। जिसकी अनुमानित उपज करीब 5 लाख क्विंटल होने का अनुमान है। इस बार एक ओर नई पहल क्षेत्र में हुई है। प्याज के अनेक व्यापारी फसल निकलने से पहले क्षेत्र में पहुंच गए है और किसानों के खेत में खड़ी प्याज की फसल को प्रति बीघा का मूल्य लगाकर खरीद लिया है। कुछ किसान फसल का पूरा पैसा पहले ही मिल जाने से उत्साहित भी है। क्षेत्र में मुख्यत: गोपालसर, नारसीसर, सूडसर, दुलचासर, देराजसर, जोधासर, झंझेऊ, सेरूणा, पूनरासर, मणकरासर के आस पास की रोही में किसान इसे खूब अपना रहें है। वहीं अन्य गांवो में भी अनेक खेतों में प्याज की फसल की जा रही है।
करोड़ो के व्यारे न्यारे।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्याज की खेती से क्षेत्र के किसानों को ही लाभ नहीं हो रहा वरन पूरे अंचल में आने वाले करोड़ो रूपयों से क्षेत्र की खुशहाली आ रही है। एक मोटे आंकलन के अनुसार 5 लाख क्विंटल की अनुमानित राशि 40 से 65 करोड़ तक होगी। आज प्याज के भाव 13 रूपए प्रति किलो है वही मई जून तक प्याज के भाव गिरने लगते है। ऐसे में अनेक किसान प्याज का भंडारण भी करने लगे है। जो बाजार भाव आने पर प्याज की सेल कर अपनी मेहनत का पूरा लाभ लेते है। ऐसे में अनेक किसान प्याज की खेती की ओर कदम बढ़ाने लगे है।
भंडारण में है दोहरा लाभ।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ कृषि विभाग के सहायक निदेशक रघुवरदयाल सुथार ने बताया कि क्षेत्र के किसान उन्नत व विकासशील खेती की ओर बढ़ते हुए नए नवाचार कर रहें है। जिसमें से एक प्याज की खेती भी शामिल है। सुथार ने बताया कि गत 4-5 वर्षों में क्षेत्र के अनेक किसान प्याज़ की खेती को मुख्य फसल के रूप में भी लेने लगे है। जिससे इन किसानों को अच्छा मुनाफा भी मिलना भी देखने को मिला है। मार्च और मध्य अप्रैल माह में प्याज के भाव करीब 12-14 रुपए ओर बाद में धीरे-धीरे कम होते हुए मई जून के माह में करीब 5-6 रुपये होते हैं। जिससे कभी-कभी किसानों को भारी नुकसान का सामना भी करना पड़ता हैं। ऐसे में किसानों की लागत निकलना भी मुश्किल हो जाता हैं। ऐसी स्थिति में अगर किसान अपनी फसल तुरंत न बेच कर प्याज का भंडारण कर सकते है और जब बाजार में अच्छे भाव मिले तब बेचकर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
सरकार दे रही है भंडारण को प्रोत्साहन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ कृषि उद्यान विभाग का कार्यभार कृषि पर्यवेक्षक बनवारीलाल सैनी के पास है। सैनी ने टाइम्स को जानकारी देते हुए बताया कि किसानों के प्याज भंडारण को प्रोत्साहन देने के लिए राजस्थान सरकार के उद्यान विभाग ने “राष्ट्रीय कृषि विकास योजना” के तहत प्याज भंडारण गृह निर्माण पर 50% या 87,500 रुपये तक सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान भी किया है। प्याज भंडारण गृह का आकार 12 ×50 फुट का तथा बांस व लोहे का बना होता हैं। जिसकी भंडारण क्षमता 25 मेट्रिक टन व अनुमानित लागत 1,75,000 रुपये होती हैं।
किसान ऐसे कर सकते है आवेदन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसान ई-मित्र के द्वारा राज किसान पोर्टल पर अपनी जमाबंदी, आधारकार्ड के साथ आवेदन कर अपनी फ़ाइल लगा सकते हैं। जब फाइल पास हो जाए तो कृषि पर्यवेक्षक से संपर्क करके भण्डार गृह का नक्शा व लोहे के सामान का बिल देकर निरीक्षण करवाना होगा। तत्पश्चात किसान को सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा। वर्ष 2023 में क्षेत्र के 19 किसानों ने इस योजना का फायदा लिया हैं तथा इस वर्ष भी बड़ी संख्या में किसानों ने अपने आवेदन दिए हैं। योजना में एक किसान परिवार को एक बार ही लाभ मिल सकता हैं। किसान अधिक जानकारी के लिए श्रीडूंगरगढ़ सहायक निदेशालय, पंचायत समिति परिसर, या कृषि पर्यवेक्षक बनवारी लाल सैनी (8104645855) से संपर्क कर सकते हैं।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसान तुलछाराम जाट ने बनवारीलाल सैनी की देखरेख में किया प्याज भंडारण।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। देराजसर के युवा किसान ओमप्रकाश भादू ने अपनाई प्याज की खेती।