






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 मई 2026। गौमाता ही सनातन धर्म का आधार है और जो व्यक्ति गौमाता की सेवा में अपना पुरुषार्थ समर्पित करता है उसका भाग्योदय तय है। यह बात कही श्रीश्री 108 संत मोहननाथ त्यागी महाराज ने और मौका था गांव इंदपालसर बड़ा में स्थित दानेश्वर गौशाला में मूलाराम भादू द्वारा बनवाए गए भव्य प्रवेश द्वार के अनावरण का। महाराज ने पंचगव्य व गौसेवा का महत्व बताते हुए इसे सर्वोच्च पुण्य और कर्तव्य बताया जिससे आध्यात्मिक, ज्योतिषीय व शारीरिक लाभ होने की बात कही। आयोजन में मंत्रोच्चार एवं द्वार शिखर पर स्थापित मूर्तियों के पूजन से विधिवत अनावरण किया एवं संत सहित अथितियों ने फीता काटा। इस मौके पर द्वार निर्माता मूलाराम भादू सपत्नीक पूजन में बैठे एवं गौसेवा का अवसर मिलने को अपना सौभाग्य बताते हुए भविष्य में भी गांव की गौशाला में सहयोगार्थ तैयार रहने की बात कही। इस दौरान गौशाला संघ के जिलाध्यक्ष कोडाराम भादू ने इस कार्य को प्रेरणीय बताया एवं उपस्थित सभी लोगो से यथा शक्ति अपने स्थान पर गौसेवा करने के संकल्प को अपने जीवन में शामिल करने का आह्वान किया। सभी अतिथियों ने गौसेवा में योगदान देने पर भादू दंपती का आभार जताया। बड़ी संख्या में मौजूद गौसेवकों को प्रसाद वितरण के बाद आयोजन का समापन हुआ। आयोजन के दौरान एडवोकेट श्यामसुंदर आर्य, पूर्व सरपंच लक्ष्मणराम खिलेरी, रामसरा सरपंच लक्ष्मण राम जाखड़, इंदपालसर सांखलान सरपंच भंवरलाल जाखड़, पूर्व कृषि मंडी अध्यक्ष प्रतिनिधि नरसाराम जाखड़, पदमनाथ बलिहारा, कितासर सरपंच प्रतिनिधि भंवरलाल पूनियां, जालबसर सरपंच प्रतिनिधि बेगाराम लुखा, धर्मपाल बांगड़वा, किशन सिहाग, हनुमानराम सिहाग, मघाराम सिहाग, सुमेरसिंह राजपूत, ओमप्रकाश कस्वां, नानूराम सारण, हीरालाल सुथार, गोपीराम सिहाग, रामचंद्र सिहाग, श्रवणराम गोदारा, रामकरण गोदारा, रामेश्वलाल जाखड़, नानूराम जाखड़, उदराम बाना, बद्रीराम शर्मा, चंदाराम शर्मा, जगमाल सिंह, पाबुदान सिंह, कुनणाराम सुथार, बन्नाराम जाखड़, मेघराम जाखड़, जिनकदास स्वामी, विजय सिंह बिदावत, सहीराम गोदारा, मुखराम नैण, मालाराम कड़वासरा, आदूराम ज्याणी, भंवराराम ज्याणी लिखमादेसर, मोतीराम धतरवाल, पप्पूराम ज्याणी, सहीराम भादू, जयनारायण दुसाद, चंद्राराम दुसाद, मुन्नीनाथ, पन्नानाथ लाखनसर, मनीराम भादू, रेवंतसिंह, दुलेसिंह, भागुराम भादू, मांगीराम भादू, कोजाराम हरडू, भगवानाराम महिया, मामराज हरडू, तारुराम महिया, रामेश्वरलाल, अन्नाराम बाना, सतुराम मास्टर सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से प्रबुद्धजनों की मौजूदगी रही।










