






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 नवंबर 2022। बेटी के विवाह में कन्यादान के साथ गौ दान की परंपरा पुनर्जीवित करें समाज जिससे आपके संबंधी के घर समृद्धि की शुभकामनाएं पहुंच सकें। ये आह्वान कोटासर गांव के श्रीकरणी गौशाला में गोपाष्टमी महोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में लालेश्वर महादेव मंदिर शिवबाड़ी के महंत विमर्शानंद गिरी महाराज ने कही। उन्होंने गौ सेवा को धर्म सेवा बताया। कार्यक्रम में दशनाम आश्रम कोलकाता के महंत सत्यानंद गिरी महाराज ने कहा कि जो भी व्यक्ति गौ दान करता है, वह पूजनीय होता है और गौदान करने से व्यक्ति की हर प्रकार की शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक समस्या का समाधान संभव है। उन्होंने गाय को भारतीय संस्कृति की पहचान बताया। आयोजन में पधारे संतो और ग्रामीणों ने गौ माता का पूजन किया। इस मौके पर कार्यक्रम में आए 21 गौ भक्तों ने तीन लाख पन्द्रह हजार रुपए की राशि गौशाला समिति को भेंट की। समिति द्वारा दानदाताओं का सम्मान किया गया और ग्रामीणों ने गौवंश का पूजन किया। वहीं दुलचासर गांव की गोपाल गौशाला, देराजसर गांव में मां करणी गौशाला में गोपाष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इन गौशालाओं में श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंच कर गौवंश का पूजन किया व उन्हें गुड़, लापसी का भोग लगाया।






