






राउमावि लिखमादेसर में आज मनाया हिंदी दिवस।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् इकाई श्रीडूंगरगढ़ के बैनर तले राउमावि लिखमादेसर में आज सुबह हिंदी दिवस के उपलक्ष में कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 23 विद्यार्थियों ने भाग लिया। जिसमें प्रथम स्थान कक्षा 7 की छात्रा हीरा, द्वितीय स्थान कक्षा 12 की ज्योति व तृतीय स्थान कक्षा 6 की पूजा व 5 की छात्रा निकिता ने प्राप्त किया। प्राचार्य लक्ष्मीकांत वर्मा ने हिन्दी भाषा की खूबसूरती व योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में हिन्दी भाषा बोलने व लुप्त हो रही पत्र विधा को जिन्दा रखने के लिए पत्र लिखने के लिए प्रोत्साहित किया। इतिहास व्याख्याता मन्नी ने हिन्दी पर मनमोहक गीत की प्रस्तुति दी। अंग्रेजी वरिष्ठ अध्यापक जीवणराम ने अपने व्यक्तव्य में हिन्दी भाषा का महत्व बताया। निर्णायक की भूमिका वरिष्ठ अध्यापक युधिष्ठिर, संदीप व अनिता द्वारा निभाई गयी। कार्यक्रम के अन्त में परिषद की इकाई अध्यक्ष व हिन्दी प्राध्यापक भगवती पारीक ‘मनु’ द्वारा साहित्य परिषद् के गठन, कार्य व उद्देश्यों से अवगत कराया। समय-समय पर आयोजित प्रतियोगिताओं व सह शैक्षिक गतिविधियों में हिस्सा लेकर आत्मविश्वास बढ़ाने व सर्वांगीण विकास का महत्व बताया। कार्यक्रम के अन्त में विजेताओं को नगद व डायरी पेन देकर तथा सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का संचालन कक्षा 11 की छात्रा कंचन व कौशल्या ने किया।

राउमावि बिग्गाबास रामसरा में 17 वर्षीय छात्र कबड्डी का उद्घाटन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रविवार को शहीद कैप्टन चंद्र चौधरी राउमावि बिग्गाबास रामसरा में 69वीं जिला स्तररीय खेलकूद प्रतियोगिता का उद्घाटन उत्साह के साथ किया गया। प्रतियोगिता में जिले भर से 93 टीमें भाग ले रही है। प्राचार्य विनय कुमार भारद्वाज की अध्यक्षता में संपन्न हुए उद्घाटन समारोह में आरएएस शारदा चौधरी का सम्मान किया गया। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सरोज वीर पूनियां ने आयोजन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पूनियां ने ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की। विशिष्ट अतिथि की भूमिका में सरपंच लक्ष्मणराम जाखड़ का शॉल व साफा पहनाकर सम्मान किया। जाखड़ ने बच्चों को खेल की भावना से खेल खेलने की प्रेरणा दी। प्राचार्य ने बताया कि सभी खिलाड़ियों के रहने व भोजन की व्यवस्थाएं ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से नि:शुल्क की जा रही है।





