






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 फरवरी 2025। श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेंटर निर्माण विवाद को सुलझाने के लिए चिकित्सा विभाग के निदेशक द्वारा गठीत की गई कमेटी की बैठक समाप्त हो गई है एवं बैठक में विभाग ने अपनी नई शर्तें दानदाता परिवार के समक्ष रख दी है। अब बैठक समाप्त हो गई है एवं दानदाता परिवार ने अपने आर्किटेक्ट से चर्चा करने के बाद जवाब देने के लिए समय लिया है। बैठक के बाद करणी हैरीटेज से निकलने के दौरान ट्रोमा निर्माण संघर्ष समिति के धरनार्थियों ने भी कमेटी सदस्यों से मुलाकात की एवं धरने पर पहुंच कर बैठक कार्रवाही का विवरण देने का आग्रह किया। इस पर कमेटी सदस्य धरने पर पहुंचें एवं जल्द समाधान की बात कही। कमेटी ने एक माह में इस संबध में निर्णय धरातल पर दिखाई देने की बात कही। इस दौरान पूर्व विधायक गिरधारी लाल महिया, हरि सिखवाल, राजेन्द्र स्वामी, प्रभूराम बाना, नत्थूनाथ मंडा सहित बड़ी संख्या में धरनार्थी मौजूद रहे एवं जल्द से जल्द ट्रोमा निर्माण का कार्य शुरू करवाने की मांग की।
नई शर्तें, करेगें विचार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। करोडों रुपए खर्च कर समाजहित में ट्रोमा सेंटर निर्माण करवाना दानदाता परिवार के लिए खासा मुश्किल भरा साबीत हो रहा है। गत सरकार द्वारा ट्रोमा सेंटर निर्माण के एमओयू में चारदिवारी एवं भूमि भराव शामिल नहीं होने के कारण नए एमओयू की आवश्यकता पड़ी। नए एमओयू के लिए दानदाता परिवार पूर्व निर्धारित नक्शे के अनुसार कार्य करवाने एवं मिट्टी के भराव, चारदिवारी पर सहमती दे चुके थे। पर विवाद इतना खिंच चुका है कि जैसे जैसे दानदाता परिवार अपनी सहमती दे रहा है वैसे वैसे विभाग अपनी शर्तें बढ़ा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को कमेटी की बैठक में दानदाता परिवार एक बार के लिए तो भूमिगत पार्किंग के लिए भी सहमती दे चुका था लेकिन बाद में विभागीय अधिकारियों द्वारा भूमिगत डबल पार्किंग, स्टाफॅ क्वार्टस एवं दो तल्ले से ऊपर भविष्य में तीसरे तल्ले के निर्माण हेतू छत पर पिल्लर्स एवं बीम बनवाने आदि भी निर्माण में शामिल करने की शर्त और जोड़ने लगे। विभाग ने शुक्रवार को हुई बैठक में अपनी शर्तें दानदाता परिवार को बता दी है एवं दानदाता परिवार अब इस पर निर्णय कर विभाग को सूचित करेगा। उसके बाद ही दानदाता को ट्रोमा निर्माण के लिए अनुमति मिलने या उनके साथ किया गया एमओयू रद्द होने संबधी निर्णय सामने आएगा। सुत्रों के मुताबिक आज की बैठक में एक बार तो सहमति बनी थी एवं समझौता पत्र भी प्रिंट करवा लिया गया था लेकिन बाद में मामला फिर से अटक गया व बैठक का कोई परिणाम नहीं निकल पाया।


धरने पर पहुंच कर कमेटी में हुई चर्चा की जानकारी देते चिकित्सा अधिकारी, देखें लाईव– https://www.facebook.com/share/v/169C2PLFgG/



