






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 अप्रैल 2024। गर्भावस्था/स्पाईन/ह्रदय रोग की जटिल बीमारियों का पता करना हो या अन्य बीमारियों में गहराई व सूक्ष्मता से सोनोग्राफी करवानी हो, तो अब तक क्षेत्रवासियों को बीकानेर या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। लेकिन शुक्रवार से स्थानीय तुलसी मेडिकल एंड रिसर्च सेंटर में नई अल्ट्रासाउंड मशीन (coloured-3D) एवं सी. टी. इंजेक्टर का लोकार्पण किया गया है। तुलसी सेवा केंद्र में आज से ही अत्याधुनिक वोल्यूशन-8 सोनोग्राफी मशीन की सेवाएं शुरू हो गई है। इस मशीन का लोकार्पण कार्यक्रम शुक्रवार को सुबह 11.15 बजे क्षेत्र के प्रबुद्धजनों की मौजूदगी में, साध्वीश्री के सानिध्य में संपन्न हुआ। श्रीडूंगरगढ़ तेरापंथ सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी कुंथुश्री जी ने मंगल पाठ सुनाकर मशीन द्वारा प्रत्येक मरीज को उत्तम लाभ मिलने की प्रार्थना की। यहां जतनलाल पुगलिया एवं सुमेरमल डागा ने फीता काट कर मशीन को शुभारंभ किया। साध्वीश्री ने कहा कि आचार्य तुलसी के नाम पर बने इस चिकित्सकीय संस्थान की सार्थकता पीड़ित मानवता की सेवा करने से ही है। चिकित्सालय प्रशासक सूर्यप्रकाश गांधी ने बताया कि इस दौरान कार्यक्रम में बजरंगलाल सेठिया, रिद्धकरण लूणिया, श्याम महर्षि, तुलसीराम चोरड़िया, एस.कुमार. सिंधी, श्रीगोपाल राठी, महावीर माली, निर्मल पुगलिया, सत्यनारायण स्वामी, सुशील सेरडिया, तेरापंथ महिला मंडल अध्यक्ष सुनीता डागा, मंत्री संगीता बोथरा, रेखचन्द सेठिया, विजयराज सेठिया, तोलाराम पुगलिया, तेजकरण डागा, कैलाश बिहानी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्धजन एवं चिकित्सालय के चिकित्सक मौजूद रहे। संस्थान अध्यक्ष भीखमचंद पुगलिया एवं मंत्री धर्मचंद धाडेवा ने फोन पर क्षेत्रवासियों का आभार जताया एवं संस्थान द्वारा पीड़ित मानवता की सेवा में लगातार उन्नत प्रयास करते रहने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में अस्पताल का स्टाफ मौजूद रहा। प्रशासक सूर्यप्रकाश गांधी ने सभी का आभार जताया।
ये है विशेषता।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 अप्रैल 2024। तुलसी सेवा संस्थान के रेडियोलोजिस्ट डॉ. जहांगीर खान ने बताया कि ये नई व विकसित तकनीक है जिससे गंभीर बीमारियों में जीवन को बेहतर बनाने के लिए सटीक प्रयास किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि जटिल व गंभीर गर्भाव्स्था सहित स्पाइन की गंभीर बीमारियों के लिए उपयोगी होगी। ये प्रोटेस्ट, पथरी व अन्य बीमारियों में सटीक जांच परिणाम दे सकेगी। उन्होंने टाइम्स को बताया कि कलर सोनोग्राफी से गर्भ के बच्चे की बॉन व ब्लड सर्कुलेशन भी तक गहराई से देख सकते है। हालांकि गर्भावस्था में इसका उपयोग सबसे कम होता है व अन्य गंभीर बीमारियों में इसका प्रयोग ईलाज में मदद करता है। वहीं सी. टी. इंजेक्टर द्वारा हड्डियों के साथ साथ कोमल उत्तकों की भी स्पष्ट तस्वीरें दे सकता है। जिससे उपचार आसान हो सकेगा। ये रोग निदान के लिए सटीकता और सुरक्षा बनाए रखने में जबरदस्त सहायक होगी।






