






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 अक्टूबर 2024। 🚩श्री गणेशाय नम:🚩 शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 24 – Oct – 2024
☀ Sri Dungargarh, India
☀ पंचांग
🔅 तिथि अष्टमी +02:01 AM
🔅 नक्षत्र पुष्य पूर्ण रात्रि
🔅 करण :
बालव 01:35 PM
कौलव 01:35 PM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग साघ्य +05:21 AM
🔅 वार गुरूवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:40 AM
🔅 चन्द्रोदय +00:10 AM
🔅 चन्द्र राशि कर्क
🔅 चन्द्र वास उत्तर
🔅 सूर्यास्त 05:55 PM
🔅 चन्द्रास्त 01:35 PM
🔅 ऋतु हेमंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1946 क्रोधी
🔅 कलि सम्वत 5126
🔅 दिन काल 11:15 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2081
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत कार्तिक
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 11:55:24 – 12:40:26
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 10:25 AM – 11:10 AM
🔅 कंटक 02:55 PM – 03:40 PM
🔅 यमघण्ट 07:25 AM – 08:10 AM
🔅 राहु काल 01:42 PM – 03:06 PM
🔅 कुलिक 10:25 AM – 11:10 AM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 04:25 PM – 05:10 PM
🔅 यमगण्ड 06:40 AM – 08:04 AM
🔅 गुलिक काल 09:29 AM – 10:53 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल दक्षिण
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ
📜 चोघडिया 📜
🔅शुभ 06:40:08 – 08:04:35
🔅रोग 08:04:35 – 09:29:02
🔅उद्वेग 09:29:02 – 10:53:28
🔅चल 10:53:28 – 12:17:55
🔅लाभ 12:17:55 – 13:42:22
🔅अमृत 13:42:22 – 15:06:48
🔅काल 15:06:48 – 16:31:15
🔅शुभ 16:31:15 – 17:55:42
🔅अमृत 17:55:42 – 19:31:20
🔅चल 19:31:20 – 21:06:58
🔅रोग 21:06:58 – 22:42:37
🔅काल 22:42:37 – 24:18:15
🔅लाभ 24:18:15 – 25:53:53
🔅उद्वेग 25:53:53 – 27:29:32
🔅शुभ 27:29:32 – 29:05:10
🔅अमृत 29:05:10 – 30:40:48
❄️ लग्न तालिका ❄️
🔅 तुला चर
शुरू: 06:11 AM समाप्त: 08:30 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 08:30 AM समाप्त: 10:49 AM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 10:49 AM समाप्त: 12:53 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 12:53 PM समाप्त: 02:36 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 02:36 PM समाप्त: 04:04 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 04:04 PM समाप्त: 05:30 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 05:30 PM समाप्त: 07:06 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 07:06 PM समाप्त: 09:02 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 09:02 PM समाप्त: 11:17 PM
🔅 कर्क चर
शुरू: 11:17 PM समाप्त: अगले दिन 01:38 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: अगले दिन 01:38 AM समाप्त: अगले दिन 03:55 AM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 03:55 AM समाप्त: अगले दिन 06:11 AM
🌺।। आज का दिन मंगलमय हो ।।🌺
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
गुरुवार को चने की दाल भिगोकर उसके एक हिस्से को आटे की लोई में हल्दी के साथ रखकर गाय को खिलाएं, दूसरे हिस्से में शहद डालकर उसका सेवन करें।
यदि गुरुवार को स्त्रियां हल्दी वाला उबटन शरीर में लगाएं तो उनके दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ता है।
और कुंवारी लड़कियां / लड़के यह करें तो उन्हें योग्य, मनचाहा जीवन साथी मिलता है।
गुरुवार को विष्णु जी की उपासना अवश्य करनी चाहिए, गुरुवार को विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ अत्यन्त फलदाई है।
☘️गुरु पुष्य योग☘️
आज पुष्य नक्षत्र सूर्योदय के साथ ही शुरू होगा और पूरी रात्रि तक रहेगा इस अति शुभ संयोग में शुभ किये गए व्यापार, निवेश, खरीददारी से आशातीति लाभ की प्राप्ति होगी ।पुष्य नक्षत्र का नक्षत्र आराध्य वृक्ष: पीपलं तथा नक्षत्र का स्वाभाव शुभ माना जाता है।
शास्त्रों में लिखा है कि पुष्य नक्षत्र में शुरू किये गए सभी कार्य पुष्टिदायक, सर्वथा सिद्ध होते ही हैं, निश्चय ही फलीभूत होते हैं ।
पुष्य नक्षत्र माँ लक्ष्मी जी को अत्यंत प्रिय है । पुष्य नक्षत्र के दिन माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए श्री सूक्त, श्री महा लक्ष्मी अष्टकम का पाठ करना अत्यंत पुण्य दायक माना जाता है।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026




