






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 मार्च 2025। मंगलवार दोपहर 12.30 बजे स्वामी केश्वानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) कृषि विभाग के संयुक्त तत्वाधान किसान मेले का उद्घाटन होगा। मेले में कृषि में नवाचारों के प्रयोग के लिए श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव धीरदेसर चोटियान के किसान गणेशाराम पुत्र दुलाराम चोटिया सम्मानित होंगे। किसान मेले में 2023-24 के प्रगतिशील किसानों का भी सम्मान होगा और उस सूची में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के 59 वर्ष के गणेशाराम शामिल है। गणेशाराम के पुत्र रामलक्ष्मण कृषि स्नातक के विद्यार्थी है। दोनों पिता पुत्र किसानों की आमदनी बढ़ सकें इसके लिए नित नए प्रयोग कर रहें है। पूरे बीकानेर जिले में पहला ग्रीन पॉली हाऊस लगाने वाले रामलक्ष्मण भी मात्र 19 वर्ष की आयु में पूर्व में सम्मानित हो चुके है।
बरसात के पानी की बूंद-बूंद काम में ली, सब्जियों में कमाया शुद्ध लाभ।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गणेशाराम के खेत में ट्यूबवेल के पानी में ईसी ज्यादा होने के कारण ग्रीन हाऊस की सब्जियों में पानी काम नहीं आया। गणेशाराम ने बरसात के पानी को स्टोर करने के लिए 220*50 की 22 फिट गहरी डिग्गी का निर्माण करवाया। इसमें 1 करोड़ लीटर पानी तक स्टोर किया जा सकता है। बरसात के पानी को ही ड्रीप सिस्टम से बूंद बूंद सिंचाई कर सब्जी उत्पादन लिया। जिसमें पहली फसल से 12 लाख की आमदनी हुई। गणेशाराम ने बताया कि इस पानी से वर्ष में दो बार फसल ले पाते है। इस वर्ष खीरे की दो फसल ली जिसमें 45 टन उत्पादन लिया है। गणेशाराम ने बताया कि दोनों फसलों में 20 लाख से ऊपर की शुद्ध आमदनी हुई है।
प्याज स्टोरेज किया, वर्मी कमपोस्ट यूनिट लगाई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कृषि में नवाचार करते हुए गणेशराम ने अपने खेत में प्याज स्टोरेज यूनिट लगाई है। उन्होंने टाइम्स को बताया कि इसमें कुल 1 लाख 70 हजार की लागत आई जिसमें कृषि विभाग की योजना के तहत 87,500 रूपए का अनुदान मिल गया। उन्होंने बताया कि प्याज स्टोरेज एक अच्छा विकल्प है किसान की आमदनी बढ़ाने के लिए। वहीं उन्होंने अपने खेत में वर्मी कमपोस्ट के लिए यूनिट लगाई। इस यूनिट से बेहतर खाद बनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। गणेशाराम ने बताया कि इसमें 1 लाख खर्चा आया जिसमें 50 हजार का अनुदान सरकार द्वारा मिल गया।
कभी मिली आलोचना, अब आस-पास के किसान सलाह लेने पहुंच रहें है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रामलक्ष्मण ने बताया कि जब पहली बार पॉली हाऊस लगवाने की प्रक्रिया प्रारंभ की तो कई किसानों ने आलोचना की, किसी ने तो विभागीय अधिकारियों को हमारे पगला जाने की बात भी कह दी। परंतु परिवार के साथ व सहयोग से पिता पुत्र जुटे रहें और आज पूरे जिले में ही नहीं पश्चिमी राजस्थान में एक मिसाल कायम की है। गणेशाराम नई तकनीक लेकर आने के लिए प्रोत्साहित करते रहते है और रामलक्ष्मण लगातार नवाचारों के प्रयोग कर रहें है। विभागीय अधिकारी भी आदर्श व प्रेरणीय किसान के रूप में उनकी खूब सराहना करते है। आस पास के गांवो से भी किसान उनके प्रयोग देखने व सीखने पहुंचने लगे है। अनेक युवा किसान पिता पुत्र सलाह लेकर तकनीक अपना भी रहें है।









