May 20, 2026
00-25

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 अक्टूबर 2021। सरकार द्वारा 15 अक्टूबर तक पटाकों पर प्रतिबंध के कारण इस बार दशहरा समारोह समिति द्वारा श्रीडूंगरगढ़ में दशहरा आयोजन नहीं किया गया। हर वर्ष करीब 40 फीट ऊंचे रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतलों के दहन के दौरान कस्बे के युवा, बच्चे उत्साह से भाग लेते है लेकिन इस बार दशहरा मैदान में रावण दहन नहीं हुआ तो सभी निराश हुए। लेकिन कस्बे की गलियों में रावण दहन की धूम रही। बच्चों में दशहरे का उत्साह नजर आया और कस्बे में कई जगहों पर गलियों में बच्चों ने छोटे छोटे रावण बना कर जलाए। इस दौरान बच्चों द्वारा लगाए गए जयश्रीराम के नारे एवं किए गए अभिनय ने पूरे कस्बे का राम मय कर दिया। घर घर दादी दादा ने बच्चों को रावण व राम की कहानियां सुनाई व बुराई पर सदैव अच्छाई की जीत होने की बात समझाई। क्षेत्र में कई गलियों में छोटे छोटे रावण दहन कर दशहरे की परंपरा को निभाया गया। हालांकी पटाको पर पूर्णतया प्रतिबंध में ढील देकर ग्रीन पटाके जलाने की अनुमति सरकार ने 15 अक्टूबर को दे दी है। लेकिन यही अनुमति दो दिन पहले मिल जाती तो कई जगहों पर दशहरे का आयोजन संभव था।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। दशहरे पर सामूहिक आयोजन नहीं हुआ तो बच्चो ने घरों में बनाया रावण।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कालूबास में घरों में बनाए रावण पर लिखी बुराईयां, बच्चों ने लिए बुराईयों से दूर रहने के संक्लप।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गलियों में कई जगहों पर जले रावण, बच्चों ने लगाए जयश्रीराम के नारे।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गलियों में कई जगहों पर जले रावण, बच्चों ने लगाए जयश्रीराम के नारे।