May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 अक्टूबर 2021। भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए जैसे हर घर में शास्त्रों का सम्मान होता है वैसे ही शस्त्रों का सम्मान होना भी आवश्यक है। शस्त्र दूसरों पर अन्याय करने का साधन नहीं बल्कि आत्मरक्षा का साध्य है। यह बात कही गई दशहरे के मौके पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में। कस्बे के कालूबास स्थित नेहरू पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में इन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अपने घरों से लाए गए शस्त्रों का सामूहिक रूप से पूजन किया। मुख्य वक्ता रूपचंद सोनी ने शस्त्रों का महत्व बताया एवं आज के युग में हर घर में शस्त्र होने की आवश्यकता जताई। संघचालक आसाराम पारीक ने भगवान श्री कृष्ण का उल्लेख करते हुए उनके एक हाथ में चक्र है तो एक हाथ में बांसुरी से प्रेरणा लेने को कहा। संघ के भैराराम डूडी ने कार्यकर्ताओं को विजय दशमी पुजा का महत्व बताया। संतोष बोहरा ने आभार जताया। विहिप अध्यक्ष भंवरलाल दुगड़, सीताराम आसोपा, नवरत्न राजपुरोहित मंचासीन रहे। संघ के कैलाश पालिवाल ने मंत्रोंचार से शस्त्रों का पुजन करवाया। आयोजन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।