






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 जून 2022। श्रीडूंगरगढ़ में व्यवस्था बनाने के लिए आज पालिका एक्टिव मोड पर नजर आ रही है और पालिका का दस्ता कार्यवाहक सफाई निरीक्षक क़ानूराम चांवरियां की अगुवाई में घूमचक्कर पर ठेले रेहड़ी उठाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही है। इस दौरान दस्ते को विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है और पुलिस व प्रशासन भी पालिका के साथ सहयोग में तैनात है। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पालिका कार्मिक, पटवारी, सहित पुलिस कर्मी मौके पर खड़े है। पालिका की कार्रवाई पर बाजार सहित हर नुक्कड़ चौराहे पर चर्चाओं का दौर भी गर्मा गया है।
रोजगार पर डाका क्यों.? सैंकड़ो यात्री होंगे परेशान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे का आकार लगातार बढ़ रहा है और इस बढ़ते शहर की ज्वलंत समस्याओं में शामिल बस स्टैंड की समस्या को पालिका द्वारा लगातार अनेदखा किया जा रहा है। कई समाजसेवियों द्वारा, संगठनों द्वारा ये मांग सैंकड़ो बार उठाई गई है। घूमचक्कर पर रेहड़ी, ठेले लगाने वाले गरीब नागरिक यहां आने वाली बसों में पानी या पकोड़े बेच कर अपने परिवार का पालन कर रहें है और पालिका आज इनके रोजगार पर डाका डालने निकली है। यदि पालिका द्वारा बस स्टैंड की व्यवस्था सुचारू करवा दी जाए तो यहां से ठेले रेहड़ी वाले बसों की ओर स्वयं ही प्रस्थान कर लेंगे। इसके साथ ही इन ठेले व रेहड़ियों को हटा देने से यहां से गुजरने वाले सैंकड़ो यात्रियों को पीने के पानी के लिए भी तरसना होगा। उन्हें पानी भी उपलब्ध नहीं हो सकेगा।
नेताओं की शह पर करोड़ो की जमीन पर अतिक्रमण नजर नहीं आए, गरीब जनता के पेट पर लात क्यों.?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे के नागरिकों में चर्चा का माहौल गर्म है और यही चर्चा जोरों पर है कि आधे शहर पर अतिक्रमण कर प्लॉट बेच देने वाले दबंगो ने नेताओं की शह पर करोड़ो के वारे न्यारे किए है। शहर भर में चर्चा हो रही है कि पालिका अतिक्रमण की कार्रवाई के दौरान करोड़ो की जमीन पर हो रहें अतिक्रमण पालिका को नजर नहीं आते और अतिक्रमण के नाम पर अपना पेट पालने वाले गरीब नागरिक आसान शिकार बन जाते है।
बड़े घोटालों से ध्यान भटकाने का उपक्रम, बड़ी चर्चा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। नागरिकों में बड़ी चर्चा है कि श्रीडूंगरगढ़ पालिका में किए गए बड़े घोटालों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ये कार्रवाई की जा रही है। जिससे गरीब नागरिक परेशान होकर पालिका से अपने गाड़े, ठेले छुड़वाने के लिए चक्कर दर चक्कर काटें और पालिका को अपनी साख बचाने का मौका भी मिल सकें।






