May 20, 2026
26jan

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 अप्रैल 2022। क्षेत्र में गौवंश व जीव सेवा के लिए लगातार अनेक कार्य हो रहें है और युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में सेवा कार्यों से जुड़ रहें है। खबर पढें क्षेत्र के गांव मोमासर व बाडेला से जहां पूरे गांव ने नंदी को समाधि दी तो एक गांव की गलियों को बेसहारा गौवंश से मुक्त करने का बीड़ा उठाया सेवा समिति ने।

गांव बाडेला में नंदी को नम आंखो से समाधि दी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 अप्रैल 2022। गांव बाडेला में एक बेसहारा नंदी के प्राण त्यागने पर ग्रामीणों ने उसे विधि विधान के साथ समाधि दी। ग्रामीणों ने बताया कि ये नंदी गांव में सबसे बुजुर्ग गौवंश था व हर घर से इसका खास नाता था। ये दो वर्ष से हरिराम खिलेरी के खाली पड़े मकान में रह रहा था और यहीं पिछले दिनों से ग्रामीण इसकी सेवा सुश्रुषा में लगे थे। यहां रोजाना नंदी के लिए चारे पानी की व्यवस्था की जा रही थी। प्राण त्यागने पर बुधवार को ग्रामीणों ने गाजे बाजे से उसकी अंतिम यात्रा निकाली व गांव की गुवाड़ में ही समाधि दी। ग्रामीणों ने हवन पूजन कर दान पुण्य भी किया। दान में चारा, खल, चुरी, अनाज एकत्र हुए जिसे गौशाला में दे दिया गया। युवक बाबूलाल ज्याणी ने बताया कि इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि हेमाराम खिलेरी, आसुराम नाई, नानूराम खिलेरी, पेमाराम गोदारा, रणजीत पांडिया सहित ग्रामीण उपस्थित रहें। ग्रामीणों ने बताया कि समाधि पर चबूतरे का निर्माण करवाया जाएगा।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए व जयकारों के साथ नंदी को अंतिम विदाई दी गयी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। नन्दी की शव यात्रा निकाली गई व ग्रामीणों ने हवन-पूजन, दान-पुण्य भी किया।

गांव मोमासर में श्रीभोमिया दादा सेवा समिति दे रही है अपनी सेवाओं को विस्तार।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पशुओं द्वारा नागरिकों को घायल और चोटिल करने की खबरें गाहे बगाहे श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र से आप सभी पढ़ते रहते है। अब क्षेत्र के एक गांव ने गांव की सड़कों व गलियों को बेसहारा पशुओं से मुक्त करने का बीड़ा उठाया है। जिसने मानव जान माल का खतरा कम हो व इन पशुओं का भी पालन हो सके। गांव मोमासर में श्रीभोमिया दादा सेवा समिति ने ये जिम्मेदारी उठाते हुए करीब 40 से अधिक गौवंश को गौशाला पहुंचा दिया है। मोमासर अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है और अब गांव को बेसहारा पशुओं से मुक्त करने की मुहिम में समिति के सेवादार जुटें हुए है। समिति अध्यक्ष हरचंद ढबास व मंत्री सांवरमल शर्मा ने बताया कि समिति द्वारा गौवंश को गौशाला में पहुंचाने के साथ ही गांव भर में पंछियों के पानी पीने के लिए पालसिए टांगे जा रहें है। पालसिए टांगने का कार्य स्वर्णकार मंदिर से प्रारंभ किया गया है व अभी 35 पालसिए टांग दिए गए और पूरे गांव में चिन्हित स्थानों पर पालसिए टांग की इन्हें भरने की जिम्मेदारी भी आस पास के ग्रामीणों को दी जा रही है। शर्मा ने बताया कि इसके अतिरिक्त प्राकृतिक आपदा ग्रस्त गरीब परिवारों को सहायता करना व भोमिया दादा मंदिर के वार्षिक जागरण व कड़ाई प्रसाद की व्यवस्था करने का कार्य प्रमुख रूप से समिति द्वारा किया जा रहा है। ग्रामीण युवा समिति से जुड़ कर सेवा कार्यों में भाग ले रहे है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव मोमासर में टांगे जा रहें है पालसिए।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीभेमिया दादा सेवा समिति के सेवादार पंछियों के लिए दे रहें है सेवा योगदान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पालसिए रोजाना भरने की जिम्मेदारी भी निभाई जा रही है।