






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 नवंबर 2025। रविवार सुबह रेलवे फाटक का बैरियर क्षतिग्रस्त हो गया। फाटक खुलने में एक घंटे से अधिक का समय लगा। फाटक बंद रहने से दोनों ओर करीब दो-दो किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया है। इस जाम में फंसे लोग बुरी तरह से परेशान हुए। ये समस्या गाड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ लगातार बढ़ रही है। प्रतिदिन दिन में कई बार लगने वाले इस जाम की समस्या में फंसे लोग ओवरब्रिज के निर्माण की मांग लगातार कर रहें है। विदित रहें मार्च 2023 के रेलवे सर्वे में यहां से एक लाख तीन हजार 742 वाहनों के यहां से प्रतिदिन गुजरने की बात स्वीकार की गई। अब लोग रेलवे पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए पक्ष विपक्ष के नेताओं पर भी नाकामी के आरोप लगा रहें है।
गत दिनों 29 अक्टूबर 2025 को इस फाटक रात 11 बजे करीब डेढ़ घंटे बंद रहा और यहां फंसे लोगों ने डबल इंजन की सरकार से इस ओवर ब्रिज के निर्माण की मांग की। 31 अक्टूबर 2025 की दोपहर करीब सवा तीन बजे फाटक बंद होने से लंबा जाम लगा और लोगों ने यहां जमकर नाराजगी भी जताई। इसी रात को शाम करीब सवा छह बजे भी फाटक बंद होने से लंबा जाम लगा। 3 नवंबर 2025 की रात करीब सवा 12 बजे बंद फाटक से लंबे जाम से लोग परेशान हुए। फाटक पार के श्रीडूंगरगढ़ के सभी गांवो में हर परिवार के लोग इस समस्या से परेशान है। वहीं सालासर, सुजानगढ़, बीदासर आने जाने वाले लोग भी इससे जूझ रहें है। लूणकरणसर कालू से लेकर श्रीगंगानगर, हरियाणा से सालासर आने वाले लोग भी परेशान होते है। मूंगफली की सीजन में झाल वाले और हर सीजन में हैवी वाहन चालक परेशान होते है। हजारों लोग इस पीड़ा को प्रतिदिन झेल रहें है। लोग प्रतिदिन जाम के फोटो भेजकर नाराजगी जताते हुए ओवर ब्रिज निर्माण की मांग कर रहें है।
36 गाड़ियों का स्टोपेज, ये नाकामी का जाम है..
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर तीन दर्जन गाड़ियों का स्टोपेज है। जिसमें कुछ गाड़ियां साप्ताहिक और कुछ सप्ताह में दो दिन या तीन दिन वाली भी है। इन दर्जनों गाड़ियों के यहां से गुजरने के दौरान फाटक करीब 8-10 मिनिट बंद रहता है। हालांकि इन 18 जोड़ी गाड़ियों की सुविधा बढ़ने से क्षेत्रवासियों को रेल यात्रा की सुविधा मिल रही है और इससे लोग संतुष्ट भी है। परंतु ओवर ब्रिज की मांग लगातार जनता के बीच गूंज रही है। कुछ नाराज ग्रामीण युवाओं ने इसे राजनीतिक व प्रशासनिक नाकामी का जाम बताते हुए डबल इंजन का लाभ क्षेत्र को दिए जाने की बात कर रहें है।
47 दिन धरना और 34 दिन अनशन के बाद बनी थी सहमति।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बीदासर रोड पर बने इस रेलवे फाटक पर ओवर ब्रिज की मांग को लेकर 47 दिन धरना और 34 दिन तक अनशन चला। 9 मार्च 2023 को रेलवे प्रशासन की टीम और संघर्ष समिति के धरनार्थियों के बीच में वार्ता हुई। उत्तर पश्चिम रेलवे बीकानेर ने ओवरब्रिज के लिए सहमति पत्र जारी किया और पत्र में रेल अधिकारी एक्सईएन सुनिल गहलोत, एईएन रमाकांत त्रिवेदी ने राज्य सरकार से इसे प्राथमिकता देकर निर्माण कार्य प्रारंभ करवाने की सिफारिश की थी। विदित रहें यहां 7 मीटर चौड़ा व 800 मीटर लंबा ओवरब्रिज 45 करोड़ की लागत से बनाए जाने के लिए स्वीकृति मांगी गई। परंतु उसके बाद आज तक ये जनहित का प्रोजेक्ट और ज्वलंत समस्या अनदेखी ही है।





