






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 फरवरी 2021। भाजपा, कांग्रेस, सीपीएम, बसपा आदि राजनैतिक पार्टियों से जुड़े नेता, विभिन्न पार्टियों के कार्यकर्ता एवं सामाजिक संगठन, कर्मचारी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता रविवार को कस्बे के तेजा मंदिर में बिना किसी भेद के एकसाथ एक मंच पर नजर आए। मौका था क्षेत्र के किसान नेता व पूर्व विधायक रहें रेवंतराम महिया की 16वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रृद्धांजलि सभा का। सभा में दलगत व संगठन भेद, प्रतिर्स्पधा आदि भूल कर सभी ने एक स्वर में महिया को नमन किया। श्रद्धाजंलि सभा में उपस्थित सभी नेताओं ने महिया को क्षेत्र की राजनीति का आर्दश मानते हुए उनसे प्रेरणा लेकर जनहित की राजनीति करने की बात कही। महिया को याद करते हुए उनके द्वारा पक्ष व विपक्ष के सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं को साथ लेकर, स्नेहपूर्ण तालमेल रखने के रवैये को आज क्षेत्र की राजनीति में आवश्यक बताया। रेवंतराम महिया परिवार के रामनिवास महिया, डाक्टर विवेक माचरा ने आभार जताया। सभी वक्ताओं ने पूर्व विधायक महिया के साथ बिताए संस्मरणों को याद किया व उनके द्वारा किए गए कार्यों व योगदान के लिए उनकी मूर्ति श्रीडूंगरगढ़ में लगाने का प्रस्ताव पारित किया एवं आगामी पुण्यतिथि पर श्रृद्धांजलि सभा का आयोजन उनकी प्रतिमा के समक्ष ही करने का संकल्प लिया। इस संबंध में विधायक गिरधारीलाल महिया की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन भी सभा के दौरान किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत दो मिनिट के मौन से हुई एवं उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। सभा में विधायक गिरधारीलाल महिया, भाजपा नेता ताराचंद सारस्वत, सांसद पुत्र रविशेखर मेघवाल, पालिकाध्यक्ष मानमल शर्मा, रामगोपाल सुथार, रामेश्वर लाल पारीक, कुंभाराम सिद्ध, शिवकुमार स्वामी, कोडाराम भादू, बजरंग सारस्वा, अग्रसिंह राजपूत, रामनिवास महिया, हेमनाथ जाखड़, श्यामसुंदर पुरोहित, मूलनाथ जाखड़, कांग्रेस नेता पूनमचंद नैण, विमल भाटी, शंकरलाल भूंवाल, लक्ष्मण खिलेरी, सोहनलाल महिया, श्रवणराम जाखड़, राजेन्द्र बापेऊ, तुलसीराम चौरडिया, चांदराम चाहर, माकपा नेता रामेश्वरलाल बाहेती, भंवरलाल बाना, गोपाल भादू, पार्षद भरत सुथार, रामसिंह, विक्रमसिंह शेखावत, जगदीश गुर्जर, सरपंच जसवीर सारण, किशनाराम गोदारा, मोहन स्वामी, धूडाराम डेलू, मोडाराम महिया, भंवरलाल गरूआ, कर्मचारी नेता सत्यप्रकाश बाना, सुशील सेरड़िया, आदूराम जाखड़, सामाजिक कार्यकर्ता सत्यनारायण स्वामी, करणीसिंह बाना, सुनिल तावणियां, भंवरलाल दुग्गड़ सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व सरपंच रतनसिंह राठौड़ ने किया।

















