May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 जुलाई 2024। इन दिनों समाज चिंतकों में खासी चिंता का माहौल है क्योंकि बीकानेर जिले में ही नहीं बीकानेर शहर में युवाओं में नशाखोरी बढ़ रही है। नशे में लिप्त युवाओं के माता पिता समाधान के लिए रोते बिलखते नजर आने लगे है। उसके बावजूद कोई नेता या सामाजिक सेवकों द्वारा आवाज नहीं उठाना भी चिंताजनक है। ऐसे में जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने बुधवार को स्कूली बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। जिला कलेक्टर ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नार्को को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक में निर्देश देते हुए कहा कि स्कूली विद्यार्थियों को नशे के दंश से दूर रखने के उद्देश्य से विद्यालयों में हर महीने के पहले शनिवार को जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। उन्होंने जागरूकता कार्यक्रमों में शिक्षकों, चिकित्सकों व‌ अन्य कार्मिकों को शामिल करने व विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने के निर्देश दिए है।
उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले लक्षणों एवं संकेतकों के बारे में शिक्षकों एवं अभिभावकों को अवगत करवाया जाए, जिससे बच्चों द्वारा नशा किए जाने की स्थिति में अभिभावकों को जानकारी रहे। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता गतिविधियां आयोजित हों। उपखंड अधिकारियों को अपने ब्लॉक में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोर्स में प्रतिबंधित और नशीली दवाओं का विक्रय ना हो, इसके मद्देनजर नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने औषधि निरीक्षक को मेडिकल स्टोर्स के स्टॉक निरीक्षण करने को कहा और कहा कि किसी प्रकार की अनियमितता मिले तो कार्रवाई की जाए। उन्होंने राजमार्गों पर ढाबों की नियमित रूप जांच करने को कहा और निर्देश दिए कि नशीले पदार्थ मिलने पर कार्रवाई की जाए। जिला कलेक्टर ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं श्रम विभाग को श्रमिकों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर (नगर) उम्मेद सिंह रतनू, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी लोकेश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।