May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 मई 2021। आजकल काले गेंहू के बारे में आप लोग यहां वहां सुन रहें होंगे। हमारे क्षेत्र श्रीडूंगरगढ़ में कई प्रगतिशील किसान काले गेंहू की पैदावार कर रहें है।

इन किसानों ने की है पैदावार
श्रीडूंगरगढ़ कस्बे के जागरूक किसान बजरंगलाल भामू व गांव लिखमादेसर के किसान राजूनाथ सिद्ध ने इस वर्ष काले गेंहू की अच्छी पैदावार ली हैं। राजू नाथ ने बताया कि बड़े शहरों में काले गेंहू की अच्छी मांग है और आजकल श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर में भी इसकी मांग बढ़ रही है। इसके भाव अच्छे मिलने व पैदावार भी उत्तम होने के कारण यहां के भी कई किसान इसकी खेती करने में उतर रहें है।
आइए पहले जान लेवें काले गेंहू के बारे में विस्तृत जानकारी- अनाज सभी खाद्य पदार्थों के बीच एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है और स्वस्थ आहार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अनाज में, गेहूं प्रमुख है, जो कई उपयोगों के लिए समर्पित है। गेहूं स्टार्च, प्रोटीन, खनिज और आहार फाइबर का एक अच्छा स्रोत है और गेहूं की खपत की दैनिक कैलोरी आवश्यकताओं के लिए प्रमुख योगदानकर्ता है। स्वास्थ्य, पोषण के लिए बात करते हैं काले गेंहू की,
-कुछ पिगमेंट फलों या सब्जियों को काला ओर बैंगनी रंग देते हैं जो की एंथोसायनिन के कारण होता हैं। साधारण गेहूं में, इन एंथोसायनिन की सांद्रता 4 से 5 पीपीएम होती है जबकि काले गेहूं में यह लगभग 100- 200 पीपीएम होती है। इससे गेहूं काला पड़ जाता है।
काले गेहूं के पौषक तत्व
साबुत अनाज में मौजूद पोषण मूल्य कई पके अनाजों की तुलना में काफी अधिक है। कच्चे अनाज की (100 ग्राम) में पोषण तत्व होते हैं-
कैलोरी: 343
पानी: 10%
प्रोटीन: 13.3 ग्राम
कार्ब्स: 71.5 ग्राम
चीनी{ग्लूटिन}: 0 ग्राम
फाइबर: 10 ग्राम
वसा: 3.4 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट
इन सभी बीमारियों में शरीर को रखता हैं मजबूत
दिल के रोगों को करे दूर
काले गेहूं का सेवन करने से दिल की बीमारियों के होने का खतरा कम होता है, क्योंकि काले गेहूं में ट्राइग्लिसराइड तत्व मौजूद होते हैं, इसके अलावा काले गेहूं में मौजूद मैग्नीशियम उच्च मात्रा में पाया जाता है जिससे शरीर में कोलेस्ट्राल का स्तर को सामान्य बनाए रखने में मदद मिलती है।

कब्ज को करता है दूर
काले गेहूं का नियमित सेवन करने से शरीर को सही मात्रा में फाइबर प्राप्त होता है जिससे पेट के रोगों खासकर कब्ज में लाभ मिलता है।
पेट के कैंसर में फायदा
काले गेहूं में मौजूद फाइबर से पाचन तंत्र मजबूत होता है और पाचन संबंधी समस्याओं के अलावा पेट के कैंसर से भी निजात मिलती है।
हाई ब्लड प्रेशर में लाभ
इसके नियमित सेवन करने से शरीर में उच्च कोलेस्ट्रॉल में उपयोगी होने के अलावा, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में कारगर होता है
डायबिटीज में असरदार
मधुमेह वाले लोगों के लिए सबसे उपयोगी होता है क्योंकि इसका सेवन करने से रक्त शर्करा यानि ब्लड शुगर को कम करने में मदद मिलती है।
आंतों के इंफेक्शन को खत्म करने में कारगर
रोजाना काले गेहूं का अलग अलग रूपों में सेवन करने से शरीर में फाइबर का स्तर बेहतर होता है और आंतों के इंफेक्शन को ठीक करने में मदद मिलती है
नए ऊतकों को बनाने में कागर
काले गेहूं में मौजूद जरूरी पौषक तत्वों में से एक फास्फोरस भी होता है, जो शरीर में नए ऊतकों को बनाने के साथ उनके रखरखाव में अहम भूमिका निभाता है जिससे शरीर सुचारु रुप से कार्य कर सके।
एनीमिया में फायदेमंद
काले गेहूं में प्रोटीन, मैग्नीशियम के अलावा आयरन भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है । ऐसे में अगर आप रोजाना काले गेहूं का सेवन करते हैं, तो शरीर में रक्त की कमी यानि एनिमिया की बीमारी को दूर किया जा सकता है। इससे शरीर में आक्सीजन का स्तर सही रहता है।
शरीर के विकास में मदद
काले गेहूं यानि साबुत अनाज में मैंगनीज उच्च मात्रा में पाया जाता है, मैंगनीज स्वस्थ चयापचय, विकास और शरीर के एंटीऑक्सिडेंट सुरक्षा के लिए आवश्यक भूमिका निभाता है।
कोलेस्ट्रॉल को कम करता है
काले गेहूं में असंतृप्त वसीय अम्ल और फाइबर उच्च मात्रा में पाया जाता है। ऐसे नियमित रूप से काले गेहूं का सेवन तब उपयोगी होता है जब वे रक्त में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के उच्च स्तर पर मौजूद होते हैं। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में प्रभावी साबित होता हैं।

साभार- टीम सिद्धि भारत एग्रो