






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 जून 2022। आज के समय मे हर व्यक्ति का जीवन सन्देह, अंतर्द्वंद्व और मानसिक उथल पुथल से भरा है। मानव जीवन में सुख संतोष व संतुलन की कमी ने उसे अस्त व्यस्त बना दिया है और ऐसे में योग ऐसी तकनीकी है जिससे कुंठाएं व तनाव दूर होता है। ये बात आज योग दिवस पर युगप्रधान आचार्य महाश्रमण गांव देराजसर में कही। आचार्य ने श्वासों पर ध्यान केंद्रित कर प्राणायाम व कसरत के माध्यम से शरीर ही नहीं मन भी प्रफुल्लित होता है व व्यक्ति जीवन में संतुलन बनाना सीखता है। उन्होंने कहा कि संतुलन से ही विभिन्न परिस्थितियों में तालमेल स्थापित करना आता है जिससे सफल जीवन की ओर बढ़ सकते है।
देराजसर के ग्रामीणों ने किया स्वागत सत्कार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आचार्य अपनी धवल सेना के साथ गुसांईसर से विहार कर सेरुणा होते हुए देराजसर पहुंचे। एस्सार पेट्रोल पंप के पास बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने नतमस्तक होकर आचार्य महाश्रमणजी का स्वागत किया। देराजसर तक पहुंचते हुए बड़ी संख्या में नागरिक आचार्य के साथ चले। साध्वीश्री पन्ना साधना केंद्र में आचार्य महाश्रमणजी ने योग पर प्रवचन दिया। यहां बुच्चा-चोपड़ा परिवार की महिलाओं ने स्वागत गीत गाए। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के विजयराज बुच्चा व देराजसर के पूर्व सरपंच दानाराम भादू ने स्वागत समारोह की अगुवाई की। सैंकड़ो ग्रामीणों ने आचार्य के दर्शन किए और प्रवचन का लाभ उठाया। सेरूणा एसएचओ रामचंद्र ढाका की अगुवाई में पुलिस प्रशासन ने व्यवस्था सम्भाली। बता देवें आचार्य के ज्योतिचरण 23 जून को श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में पड़ेंगे और इस हेतु प्रबंध व्यवस्था समिति पूर्ण तैयारियों में जुटी हुई है।











