






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 मई 2020। कोरोना संकटकाल के लॉकडाउन में आर्थिक मंदी की मार झेल रही जनता के लिए आज आरबीआई गवर्नर ने लोन की किश्त चुकाने में राहत दी है। नागरिक घरों में है और कमाई शून्य पर, व्यवसाय अब शुरू हुए है पर उन्हें रफ्तार पकड़ने में अभी समय लगेगा इसे देखते हुए सम्भवतः लोन भरने के लिए मोहलत बढ़ा दी है। श्रीडूंगरगढ क्षेत्र के प्रमुख ऋण एंव निवेश सलाहकार एमजीसी कंसल्टेंसी एंड फाइनेंशियल सर्विस के मघाराम सुथार ने श्रीडूंगरगढ टाइम्स के पाठकों के लिए आरबीआई के आदेश को सरल भाषा में समझाते हुए बताया कि अर्थव्यवस्था पर COVID-19 के प्रभाव को कम करने के लिए गए निर्णयों के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को टर्म लोन की किश्तों के भुगतान पर दी गई मोहलत को 1 जून 2020 से अगले तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया। इससे पहले लॉकडाउन की घोषणा के बाद 27 मार्च 2020 को यह मोहलत 1 मार्च 2020 से 3 महीने के लिए दी गई थी, जिसे आज आरबीआई ने 1 जून से 3 महीनों के लिए और बढ़ा दिया। साथ ही 31 मार्च, 2021 तक वर्किग कैपिटल को मूल स्तर तक मार्जिन को बहाल करने की अनुमति दी जा रही है। 27 मार्च को, आरबीआई गवर्नर ने वित्तीय संस्थानों को टर्म लोन पर 3 महीने की मोहलत देने और वर्किंग कैपिटल पर ब्याज में छूट देने के फैसले की घोषणा की थी। बाद में, 17 अप्रैल को, RBI ने स्पष्ट किया कि COVID-19 स्थिति के कारण 27 मार्च को इसकी अनुमति दी गई कि गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) के लिए 90-दिवसीय अवधि से बाहर रखा जा सकता है। आज की यह घोषणा 1 मार्च से प्रभावी होने के साथ अधिस्थगन अवधि 6 महीने करती है। शुक्रवार को की गई ताजा प्रेस ब्रीफिंग में आरबीआई गवर्नर ने यह भी घोषणा की कि आरबीआई ने रेपो दर में 40 बेसिस प्वाइंट की कटौती करके 4.4% से 4% कर दिया है। रिवर्स रेपो दर को समायोजित रुख बनाए रखने के लिए 3.35% पर रखा गया है। इसके साथ ही निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, क्रेडिट की पूर्व और पोस्ट शिपमेंट के पहले और बाद क्रेडिट की अधिकतम अवधि 1 वर्ष से बढ़ाकर 15 महीने कर दी गई है। US डॉलर स्वैप सुविधा का लाभ उठाने के लिए EXIM बैंकों को 15,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।



