






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 अक्टूबर 2023। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में गत दो दिनों से दोनो राष्ट्रीय पार्टियों के कार्यकर्ता खासे असमंजस में रहे हैं और आखिर बुधवार शाम आते आते दोनो दलों के कार्यकर्ताओं को राहत देने वाली खबरें सामने आई। पढें विस्तार से
कांग्रेस से गठबंधन नहीं, प्रदेश सचिव ने किया स्प्ष्ट।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गत 2 दिनों से मीडिया में चल रही कांग्रेस द्वारा माकपा और आरएलडी के साथ गठबंधन करने और इस गठबंधन में श्रीडूंगरगढ़ की सीट भी जाने की चर्चा चली। ऐसे में क्षेत्र में कांग्रेस की टिकट के लिए दावेदारी कर रहे सभी नेताओं और उनके समर्थकों के बीच असमंजस की स्थिति हो गई क्यो की पार्टी आलाकमान ने इन्हें ऐसा कोई संकेत नही दिया है। बताया जा रहा है कि करीब 7-8 दिन पहले कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर रंधावा के एक बयान का अब यह मतलब निकाल कर खबरे प्रकाशित की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सहित पार्टी के बड़े नेता राज्य में किसी के भी साथ समझौते के खिलाफ है। वही इसी समय मे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचिव कॉमरेड अमराराम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल कर इन खबरों का खंडन किया है। अमराराम ने साफ किया है कि यह खबर पूरी तरह से निराधार और भरम फैलाने के ध्येय से लगाई गई है। अमराराम ने माकपा के अकेले ही चुनाव लड़ने की बात कही है और संघर्ष के बल पर विधानसभा में पहुंचने की बात कही है। माकपा के प्रदेश सचिव के इस खबर के खंडन करने के बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और दावेदारों का आत्मविश्वास वापस लौटा है और सभी ने अपने अपने प्रयास वापस शुरू कर दिए हैं।
भाजपा में टिकट कटवाने वाले नेता पार्टी लाइन से सहमत।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। भाजपा में भी गत 2 दिनों से संभावित प्रत्याशी ताराचंद सारस्वत की टिकट कटवाने के सामूहिक प्रयास करने वाले नेता भी अब पार्टी लाइन से सहमत दिख रहे हैं। दिल्ली में प्रदेश प्रभारी प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के सामने सारस्वत की टिकट काट कर अन्य किसी को भी देने की मांग करने वाले इन नेताओं ने सामूहिक रूप से जयपुर प्रदेश कार्यालय का रुख किया है। बताया जा रहा है कि यहां भी पार्टी के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह के सामने आवाज बुलंद की गई। लेकिन साथ ही एक बात और इन दावेदारों द्वारा कही गई कि पार्टी का टिकट जारी नही होने तक विरोध करेंगे और खुद की टिकट लेने का प्रयास करेंगे लेकिन जब पार्टी से टिकट फाइनल होकर घोषणा होगी तो सभी एकजुट होकर भाजपा को जितवाने के लिए कार्य करेंगे। इसके बाद भाजपा में भी डेमेज कंट्रोल होता नजर आ रहा है और कार्यकर्ता भी असमंजस से बाहर आ रहे हैं।




