






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 अप्रैल 2024। “वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे” 15वीं शताब्दी के संत नरसी मेहता के इस भजन को महात्मा गांधी ने लोकप्रिय किया एवं हम सभी ने भी इसे कभी ना कभी सुना ही होगा और इसी भजन के भावों को आत्मसात करने की प्रेरणा देने का प्रयास मंगलवार को जयपुर पब्लिक स्कूल में हुआ। विद्यालय प्रांगण में हुए इस कार्यक्रम में बच्चों को सामूहिक रूप से आगामी गर्मीयों के मौसम में प्यास से मरने वाले पक्षियों की प्यास का अहसास करने को कहा गया एवं पक्षियों के लिए पालसिए लगाने, उनमें पानी भरने एवं स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी उठाने की प्रेरणा दी गई। इस मौके पर प्रबधंक कुंभाराम घिंटाला ने भारतीय संस्कृति में परहित सेवा के प्रसंग बताते हुए जीवन में दूसरों का भला करने की प्रेरणा दी। एमडी चंद्रमुखी घिंटाला ने बच्चों को विभिन्न कहानियों के माध्यम से प्रेरणा दी एवं इस दौरान शैक्षिक स्टाफ संदीप गोदारा, अंशू शर्मा, सत्यपाल, संदीप सिंह, लक्ष्मण राम, विनोद कुमार, भरत सिंह, हरीश शर्मा, कंचन बाला, रजनी चारण, रागिनी शर्मा, पायल शर्मा, स्नेहा भगतानी, सुप्रिया शर्मा, रुचिका, चांदनी, कोमल, पल्लवी, मनीषा भार्गव, पायल सैनी, ममता राजपुरोहित, ममता मोदी, रणजीत कौर आदि भी सक्रिय रहे। इस दौरान विद्यालय प्रांगण में इस वर्ष 100 पालसीए लगाने का निर्णय लिया गया एवं प्रथम चरण में दस पालसिए लगाए गए।




