






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 मार्च 2025। पटवारी, पशुपालन विभाग के बाद अब ग्राम विकास अधिकारियों ने मुट्ठियां तान कर सरकार को आंदोलन की राह पर चलने की चेतावनी दी है। ग्राम विकास अधिकारियों ने सोमवार को पदोन्नति नहीं तो, काम नहीं, आंदोलन का आगाज करते हुए ग्राम विकास अधिकारियों ने विकास अधिकारी को ज्ञापन दिया। ब्लॉक अध्यक्ष सुदर्शन महिया की अगुवाई में एक प्रतिनिधि दल ने सरकार से सभी अवरोध दूर कर कार्मिकों को राहत देने की मांग की। ग्राम विकास अधिकारी सीताराम जाखड़ ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी के प्रथम पदोन्नति पद सहायक विकास अधिकारी पर विगत 5 वर्षों से पदोन्नतिया लंबित है। इसके अतिरिक्त लगभग 500 ग्राम विकास अधिकारियों के डेफर एवं बंद लिफाफा प्रकरण भी लंबित है। कुछ ग्राम विकास अधिकारियों के बंद लिफाफा एवं डेफर प्रकरण तो वर्ष 2003 से ही लंबित पडें है जिनका निस्तारण किया जाना आवश्यक है। वहीं कार्मिक विभाग द्वारा जारी निर्देशों की पालना में तीन संतान से प्रभावित कार्मिकों को भी पदोन्नति प्रकरणों में शिथिलता प्रदान करते हुए उनकी पदोन्नति भी प्रथम पदोन्नति वर्ष में करने के लिए रिव्यू डीपीसी भी की जानी है लेकिन पंचायती राज विभाग द्वारा यह पदोन्नतियां नहीं की जा रही है। अध्यक्ष सुदर्शन महिया ने बताया कि समयबद्ध पदोन्नतियां नहीं होने से सभी संवर्गों में जबरदस्त निराशा और आक्रोश व्याप्त है। जिससे आक्रोशित ग्राम विकास अधिकारियों ने पदोन्नति नहीं तो काम नहीं आंदोलन प्रारंभ किया है। ब्लॉक अध्यक्ष सुदर्शन महिया ने बताया कि यदि अब भी विभाग द्वारा प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई तो 21 अप्रैल से आंदोलन के दूसरे चरण में प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारी समस्त राजकीय ग्रुप्स से लेफ्ट होंगे। इस दौरान पवन स्वामी, राजेश नाई, हितेश, संजीव सहित कई ग्राम विकास अधिकारी उपस्थित रहें।




