May 20, 2026
21-oct

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 अक्टूबर 2025।  श्री गणेशाय नम:🚩

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 21-Oct-2025
☀ Sri Dungargarh, bikaner

🔅 तिथि अमावस्या 05:56 PM
🔅 नक्षत्र चित्रा 10:59 PM
🔅 करण नाग 05:56 PM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग विश्कुम्भ 03:15 AM
🔅 वार मंगलवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:37 AM
🔅 चन्द्रोदय चन्द्रोदय नहीं
🔅 चन्द्र राशि 09:36 AM
🔅 सूर्यास्त 05:59 PM
🔅 चन्द्रास्त 05:41 PM
🔅 ऋतु शरद
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 काली सम्वत 5126
🔅 दिन काल 11:21:45
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत कार्तिक
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत 11:55 AM 12:41 PM
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 08:53 AM 09:39 AM
🔅 कंटक 07:23 AM 08:08 AM
🔅 यमघण्ट 10:24 AM 11:10 AM
🔅 राहु काल 03:08 PM 04:34 PM
🔅 कुलिक 01:26 PM 02:12 PM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 08:53 AM 09:39 AM
🔅 यमगण्ड 09:28 AM 10:53 AM
🔅 गुलिक काल 12:18 PM 01:43 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन

📜 चोघडिया 📜

🔅 रोग 06:38 AM – 08:03 AM
🔅 उद्वेग 08:03 AM – 09:28 AM
🔅 चल 09:28 AM – 10:53 AM
🔅 लाभ 10:53 AM – 12:18 PM
🔅 अमृत 12:18 PM – 01:43 PM
🔅 काल 01:43 PM – 03:08 PM
🔅 शुभ 03:08 PM – 04:34 PM
🔅 रोग 04:34 PM – 05:59 PM
🔅 काल 05:59 PM – 07:34 PM
🔅 लाभ 07:34 PM – 09:08 PM
🔅 उद्वेग 09:08 PM – 10:43 PM
🔅 शुभ 10:43 PM – 00:18 AM
🔅 अमृत 00:18 AM – 01:53 AM
🔅 चल 01:53 AM – 03:28 AM
🔅 रोग 03:28 AM – 05:03 AM
🔅 काल 05:03 AM – 06:38 AM

📜 लग्न तालिका 📜

🔅 तुला चर
शुरू: 06:24 AM समाप्त: 08:43 AM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 08:43 AM समाप्त: 11:02 AM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 11:02 AM समाप्त: 01:06 PM

🔅 मकर चर
शुरू: 01:06 PM समाप्त: 02:49 PM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 02:49 PM समाप्त: 04:17 PM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 04:17 PM समाप्त: 05:43 PM

🔅 मेष चर
शुरू: 05:43 PM समाप्त: 07:19 PM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 07:19 PM समाप्त: 09:15 PM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 09:15 PM समाप्त: 11:30 PM

🔅 कर्क चर
शुरू: 11:30 PM समाप्त: 01:50 AM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 01:50 AM समाप्त: 04:07 AM

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 04:07 AM समाप्त: 06:24 AM

🌺।। आज का दिन मंगलमय हो ।।🌺

दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।

मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।

मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।

मंगलवार के व्रत से सुयोग्‍य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।

मंगलवार को धरती पुत्र मंगलदेव की आराधना करने से जातक को मुक़दमे, राजद्वार में सफलता मिलती है, उत्तम भूमि, भवन का सुख मिलता है

🌼 20 तारीख को अमावस्या तिथि लगने के बाद उस में प्रदोष व्यापिनी तिथि, स्थिर लग्न और निशीथ काल प्राप्त हो रहा था, जिसमें ही महालक्ष्मी जी की पूजा करना श्रेष्ठ होता है इसलिए दीपावली का पर्व मुख्य 20 अक्टूबर सोमवार को ही मनाया गया लेकिन चूँकि उदया तिथि के अनुसार और आज अमावस्या का मान पूरे दिन भर है इसलिए आज की तिथि में भी पूजा पाठ, उपाय अत्यंत फलदाई है ।

एक तिथि बढ़ जाने के कारण इस बार पांच दिवसीय दीपावली का पर्व 6 दिनों का हो गया है दीपावली के अगले दिन आने वाला गोवर्धन पूजा का पर्व अब एक दिन और बढ़ कर 22 अक्टूबर को मनाया जायेगा इसी तरह भाई दूज का पर्व अब गुरुवार 23 अक्टूबर को होगा ।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री