






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 अगस्त 2022। आर्थिक युग में दरकते रिश्तें ही नजर नहीं आ रहें है वरन समाज में धन संपत्ति के लिए भाई-बहन भी आपस में दुश्मन बनें खड़े दिखाई देने लगे है। सामाजिक स्तर पर ये दृश्य टूटते परिवारों की तस्वीर ही पेश नहीं करते वरन मानवीय मूल्य व संवेदनाओं से हीन संस्कृति की ओर बढ़ने का प्रमाण भी छोटे शहरों में प्रस्तुत करने लगे है। कस्बे निवासी व जयपुर प्रवासी अरूण पुगलिया पुत्र स्वर्गीय मोतीलाल पुगलिया ने थाने में मुकदमा दर्ज करवाते हुए अपनी बहिन श्रीमति कुसुम बरड़िया पत्नी संतोष कुमार जैन निवासी हाल कोलकाता और श्रीमति पुष्पा चौरड़िया पत्नी अमर चौरड़िया निवासी गंगाशहर सहित भांजे अजित बरड़िया, सिद्धार्थ चौरड़िया पर अवैध ढंग से घर में घुस कर अलमारियों व तिजोरियों के ताले तोड़ने व सोने के जेवरात, सोने के सिक्के, सोने की मोहरे, चांदी के सिक्के व बर्तन, नगदी, बैंको की चैकबुक, पासबुक, खातेबही, संपत्तियों के कागजात, अन्य दस्तावेज निकाल कर ले जाने का आरोप लगाया है। थानाधिकारी वेदपाल शिवराण ने बताया कि अरूण पुगलिया ने बताया कि उसके पिता का स्वर्गवास जयपुर में 12 जुलाई 2022 को हो गया था। अंतयेष्टि में आरोपी गणो ने भी भाग लिया व 18 जुलाई को सात दिवसीय शोक पूरा कर 19 जुलाई को गुरू महाराज के दर्शन कर घर लौटे तो आरोपियों ने अलमारी व तिजोरियों की चाबी मांगी। जिसे देने से मना करते हुए मैं घर से बाहर निकल गया और पीछे से आरोपियों ने मेरी पत्नी शालिनी को अपशब्द कहते हुए चाबियां छीनने का प्रयास किया। दोनों भांजो व दोनों बहनोई ने पत्नी के साथ बदसलुकी की और जब मैं घर पहुंचा और घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस थाने जाने लगा तो आरोपियों ने माफी मांगी। जिससे परिवार की इज्जत व लोकलाज के चलते मैं थाने नहीं गया और परिवार सहित जयपुर लौट गया। 17 अगस्त बुधवार को अपनी माँ की 31वीं बरसी करने घर पहुंचा तो पता चला आरोपी एक दिगर सरदार ताले चाबी वाले को लेकर घर में घुसे और अलमारियों व तिजोरियों के ताले तोड़कर उनमें रखे सभी कीमती सामान निकाल लिए। इसकी शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच थानाधिकारी वेदपाल शिवराण कर रहें है।



