May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 मई 2025। गिद्ध भारत में लुप्तप्राय प्रजाति की श्रेणी का पक्षी है। पर्यावरण के लिए अत्यधिक महत्वशाली गिद्ध के संरक्षण के लिए देश भर में अनेक संगठन प्रयास कर रहें है, और इन प्रयासों में गिद्धों के लिए आवास को सुरक्षित करना आवश्यक कदम माना जाता है। ऐसे में धोलिया रोड स्थित वन विभाग की हजारों बीघा भूमि पर स्थित सुनारों की जोड़ी क्षेत्र में इन दिनों गिद्धों का दल नजर आ रहा है। यहीं इन्हें संरक्षित करने का आवास बनाने के विचार करते हुए पर्यावरण के क्षेत्र में सक्रिय ‘आपणो गाँव श्रीडूंगरगढ़ सेवा समिति’ ने शुक्रवार को वन विभाग के अधिकारी को यहां “जटायु संरक्षण स्थल” के नाम से गिद्ध संरक्षण क्षेत्र घोषित किए जाने और स्थापित करने की मांग करते हुए प्रस्ताव सौंपा। समिति के शूरवीर मोदी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस क्षेत्र में प्रतिदिन गिद्धों की उपस्थिति देखी जा रही है। परंतु आवारा शिकारी कुत्तों द्वारा गिद्धों पर हमला करने की घटनाएं इनके लिए खतरा बन रही है। शुक्रवार को सूचना मिलने पर विभाग के सहायक वन संरक्षक सतपाल सिंह तुरंत ही मौके पर पहुंचे। सतपाल ने टाइम्स को बताया कि यहां 50-60 गिद्ध मौके पर पाए गए जो विलुप्त प्रजाति के लिए आदर्श स्थिति मानी जाती है। इस दौरान यहां समिति के शूरवीर मोदी, सत्यनारायण टाक व मदन सोनी उपस्थित रहें। सिंह के साथ विस्तृत वार्ता की गई। संस्था ने गिद्धों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध करवाने व क्षेत्र को गिद्ध संरक्षण स्थल के रूप में विकसित करने के दायित्व निभाने का संकल्प भी लिया। मदन सोनी ने बताया कि यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है तो ये श्रीडूंगरगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान के लिए वन्यजीव संरक्षण का उदाहरण बन सकेगा।
करीब पांच बीघा भूमि पर बनेगा जटायु संरक्षण स्थल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विभाग के सहायक वन संरक्षक सतपाल सिंह ने बताया कि धोलिया रोड स्थित वन विभाग की हजारों बीघा भूमि में सुनारों की जोड़ी क्षेत्र के भीतर करीब पांच बीघा भूमि पर जटायु संरक्षण स्थल बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां पानी के लिए पर्याप्त स्ट्रक्चर बने हुए है, और इस संबंध में डीएफओ बीकानेर से चर्चा कर उनकी स्वीकृति मिलने पर प्रायोगिक तौर पर इसे एक हफ्ते के भीतर ही शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। कुत्तों से संरक्षण के लिए तारबंदी या जाली लगवा कर पानी की व्यवस्था, मृत पशु समन्वय व्यवस्था, गार्ड व्यवस्था जैसे कार्य किए जाएंगे। प्राथमिक तौर पर प्रोजेक्ट सफल रहा तो इसे राज्य सरकार को भेज कर विस्तृत रूप भी दिए जाने की संभावनाएं होगी।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सहायक वन संरक्षक सतपाल सिंह को समिति ने दिया प्रस्ताव।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रयास ठीक रहें तो श्रीडूंगरगढ़ में बनेगा जटायु संरक्षण स्थल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। समिति सदस्यों व विभागीय अधिकारी के बीच हुई विस्तृत चर्चा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मौके पर गिद्धों की आदर्श स्थिति पाई गई।