






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 फरवरी 2021। श्रीडूंगरगढ़ में वकालत कर रहें रणवीरसिंह खींची ने रेवाड़ा गांव के एक परिवार में जमीन विवाद को लेकर की गई हत्या में मामले की पैरवी करते हुए जिला अपर न्यायाधीश कैम्प श्रीडूंगरगढ़ न्यायालय में अपराधियों का अपराध गंभीर प्रकृति कृत्य बताते हुए कड़ी सजा की मांग की और परिवादी परिवार को सात वर्षों बाद न्याय दिलवाया। विदित रहे कि गांव रेवाड़ा में 13-02-2014 को जमीनी विवाद में एक ही परिवार के लोग आपस में उलझ पड़े थे एवं दो भाईयों के साथ बड़े भाई एवं उसके दो बेटों ने मारपीट की थी। जिसमें एक भाई सत्यनारायण सिंह की मृत्यु हो गई थी एवं कानसिंह घायल हो गया था। घायल कानसिंह के पर्चा बयान पर भाई नत्थुसिंह राजपुरोहित व भजीते संपतसिंह, मांगीलालसिंह व दो तीन अन्य के खिलाफ कुल्हाड़ी व लाठियों से मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस जांच में भी मारपीट होने एवं मारपीट से सत्यनारायणसिंह की मृत्यु होने की पुष्टी हुई व आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया था। इसके बाद चले न्यायालय के ट्रायल में चश्मदीद गवाहों व सबूतों के आधार पर तीनों मुख्य आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इन आरोपियों में से 60 वर्षीय नत्थुसिंह जो जमानत पर था, उसकी जमानत रद्द कर पुन: जेल भेज दिया गया है।



