






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 अप्रैल 2022। वर्ष 2015 में साम्प्रदायिक दंगों की आग में झुलसे श्रीडूंगरगढ़ में धर्मयात्रा के शांतिपूर्ण आयोजन के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। करौली प्रकरण के बाद स्थानीय स्तर पर सजग पुलिस और प्रशासन ने चाक चौबंद व्यवस्थाएं की। श्रीडूंगरगढ़ सीआई वेदपाल शिवराण इस सबंध में सक्रिय रहे और हर एक पल की अपडेट के साथ अधिकारियों से मार्गदर्शन लेते रहे। शिवराण के प्रयास ही रहे कि आयोजन से पहले एक बारगी बने प्रशासन और आयोजनकर्ताओं के बीच टकराव को टाला गया। कस्बे में संवेदनशील इलाकों में हर एक छत पर पुलिसकर्मी नजर आए। बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी तैनात रही और पुलिस ने मुस्तेद रहकर उपस्थित दर्ज करवाई। इस कड़कती धूप में यात्रा के बीच बड़े अधिकारी भी पैदल घूमते नजर आए। यात्रा में एडिशनल एसपी बीकानेर सुनील कुमार, एडिशनल एसपी सुखविंदर पाल, सीओ खाजूवाला अंजुम कयाल, कालू एसएचओ रजीराम, जसरासर एसएचओ देवीलाल, छतरगढ़ एसएचओ जयकुमार, एसटीएफ कम्पनी सहित कई थानों की पुलिस मौजूद रही। सीओ श्रीडूंगरगढ़ दिनेश कुमार व सीआई वेदपाल शिवराण ने लगातार पैदल मार्च किया। उपखंड अधिकारी डॉ. दिव्या चौधरी ने पूरी यात्रा पर नजर रखी। प्रशासन व पुलिस ने यात्रा में सभी समुदायों के सद्भाव की प्रशंसा करते हुए इसे राज्यभर के लिए एक मिसाल बताया। जिला पुलिस अधीक्षक ने भी श्रीडूंगरगढ़ की इस सौहार्द की मिसाल को उल्लेखित करते हुए सोशल मीडिया पर संदेश प्रसारित किए है। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स से हुई बातचीत में प्रशासन ने बताया कि करौली दंगो के बाद धर्मयात्रा का आयोजन थोड़ा पैनिक लगा और इसलिए प्रशासन अत्यधिक अलर्ट रहा। परन्तु यहां के माहौल को देखकर सद्भाव के फोटो पूरे राज्य के प्रशासनिक अमले में घूमे व सभी ने हिन्दू व मुस्लिम समुदायों के प्रति आभार भी प्रकट किया है। विहिप, बजरंग दल सहित सहयोगी दलों के पदाधिकारियों ने भी प्रशासन का आभार जताया है।












