






श्रीडूंगरगढ टाइम्स 23 अगस्त 2020। कोरोना महामारी के नेगेटिव इफेक्टस हम सभी रोजाना देख रहें है। परंतु आज कोरोना का एक सुखद पहलु भी पाठकों के सामने लाए है। आज ऋषि पंचमी के दिन माहेश्वरी समाज ने उल्लास के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। आज कई बहनों ने टाइम्स को बताया कि उन्होंने 10 से 20 वर्षों बाद अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधी है। क्यों की हमेशा काम के कारण भाई गांव आ ही नहीं पाते और बहुत दूर होने के कारण वे भी नहीं जा पाती है इस बार कोरोना के कारण बड़ी संख्या में प्रवासी बाहर से अपने गांव आए हुए है और बहनों को लंबे समय बाद भाईयों की कलाई पर राखी बांधने का सौभाग्य मिला है। सुधा माहेश्वरी ने बताया कि वे अपने भाई सुरेश बिहाणी और भाभी ममता को 12 वर्ष बाद कोरोना के कारण राखी बांध पाई है क्योंकि कोरोना के लॉकडाउन में आसाम से भाई अभी गांव आए हुए है। भिवंडी रहने वाली पायल मोहता ने बताया कि वह 18 वर्षों बाद राखी का त्योहार अपने भाई बहनों के साथ मना पाई है। पायल भी कोरोना के चलते अभी परिवार सहित गांव आई हुई है। आज कस्बे में ऐसे कई बहन भाई है जिन्हें कई वर्षों बाद राखी पर मिलने का अवसर मिला है।
माहेश्वरी समाज ने मनाया रक्षाबंधन।
श्रीडूंगरगढ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ क्षेत्र में आज माहेश्वरी समाज द्वारा ऋषि पंचमी को धूमधाम से रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। समाज के सभी घरों में आज सुबह दीवार पर पांच भाई और एक बहन का चित्र बना कर महिलाओं ने कहानी सुनी व सत्तु का भोग लगाया। ऋषि पंचमी के पूजन के बाद पहले इस चित्र पर राखी बांध कर फिर अपने भाईयों को राखी बांधती है। बहनों ने भाईयों की सलामती के लिए व्रत रखा और भाई को राखी बांधने के बाद व्रत खोला। भाईयों ने बहनों को उपहार में कपड़े, गिफ्ट्स, रुपये भेंट दिए व एक दूसरें को मिठाईयां खिलाई। आवागमन में छुट के कारण समाज की महिलाओं ने सज धज कर पीहर, ननिहाल, ससुराल सभी जगह राखियां बांधी व बंधवाई।









श्रीडूंगरगढ टाइम्स। कालूबास में मोहता परिवार में मनाया गया रक्षाबंधन का त्योहार।



