






श्रीडूंगरगढ टाइम्स 20 अगस्त 2020। केन्द्र सरकार द्वारा किसान उत्पाद एवं वाणिज्य अध्यादेश पारित किया गया है जो कृषि मंडी के व्यापारियों के लिए पूर्णतया खिलाफ है और सरकार इस काले कानून से मंडी व्यापारियों का अस्तित्व ही समाप्त कर देगी। ये कहा व्यापार संघ श्रीडूंगरगढ़ के अध्यक्ष श्याम सुन्दर पारीक ने। पारीक ने नए पारित कानून के बारे में बताया कि इस अधिनियम के तहत कृषि उपज मंडी प्रागंण से बाहर कृषि उपज का व्यापार करने वाले व्यापारी पर मंडी टैक्स, मंडी सेस, लेवी आदि कर समाप्त कर दिए है। वहीं दूसरी और इसी अधिनियम में कृषि उपज मंडी परिसर के अंतर्गत व्यापार करने वाले व्यापारी फर्मों पर मंडी टैक्स, मंडी सेस, कृषक कल्याण शुल्क, विकास शुलक समेत कई तरह के टैक्स राज्य सरकारों द्वारा पहले से ही वसूल किए जा रहें है। पारीक ने कहा कि इससे कृषि मंडी के व्यापारी पर व्यापार करने का संकट ही खड़ा हो जाएगा। क्योंकि बाहर के व्यापारी कोई कानून से बंधे नहीं होगें व ना ही उनके व्यापार पर कोई टैक्स होगा तो प्रतिस्पर्धा में कृषि मंडी का व्यापारी उनसे पिछड़ जाएगा। इससे व्यापारियों को जबरदस्त आर्थिक व मानसिक पीड़ा होगी व्यापारी इस कानून में संशोधन की मांग करते है। पारीक ने पूरी मंडी के व्यापारियेां की तरफ से जबरदस्त विरोध प्रकट करते हुए कहा कि सरकार इस काले कानून में संशोधन कर व्यापारी हितों को ध्यान में रखें। पारीक ने बताया कि इस 21 अगस्त को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में कृषि उपज मंडियों का कारोबार बंद रखने का निर्णय लिया गया है जिसे श्रीडूंगरगढ कृषि मंडी पूर्ण समर्थन देते हुए शुक्रवार को मंडी में व्यापार पूर्णत बंद रखा जाएगा।



