






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 मार्च 2022। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में करीब पांच दशकों से संगीत की सेवा में साधक की तरह जुटे रहने वाले गायक भंवरलाल स्वामी के लंबे संघर्ष का सम्मान करते हुए आज उन्हें श्रीजसवंत मल राठी स्मृति संगीत भूषण सम्मान से नवाजा गया। स्वामी को श्रीगुणीजन सम्मान समारोह समिति द्वारा सम्मान के साथ पुरस्कार राशि इक्कीस हजार रूपए प्रदान किए गए। स्वामी ने गदगद भाव से शहरवासियों का आभार प्रकट किया। राष्ट्र भाषा हिन्दी प्रचार समिति के प्रांगण में आयोजित समारोह की अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार श्याम महर्षि ने कहा कि संगीत एक ऐसी विद्या है जो न केवल मनुष्य बल्कि अन्य जीव जंतुओं को भी प्रभावित करने की क्षमता रखती है। समारोह का प्रारंभ स्वामी के ही दो शिष्य प्रतीक एवं कुलदीप ने शास्त्रीय स्वरों में सरस्वती वंदना व गुरुवंदना के साथ किया तथा भीखमचंद पुगलिया तथा लक्ष्मी नारायण सोमानी ने बालकों को नकद पारितोषिक प्रदान किया। समारोह के मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता रामचन्द्र राठी ने भंवर स्वामी की संगीत साधना के संघर्ष के बारे में बताया। विशिष्ट अतिथि पर्यावरणविद् ताराचंद इन्दौरिया ने स्वामी की सांगीतिक साधना को हर कलाकार के लिए प्रेरणीय है। विशिष्ट अतिथि बजरंग शर्मा ने अनेक उदाहरणों से संगीत की महता प्रकट की। सम्मान पत्र का वाचन विजय महर्षि ने किया। समारोह का सफल संचालन करते हुए युवा साहित्यकार रवि पुरोहित ने कहा कि श्रीडूंगरगढ़ गुणीजनों की धरा है और उनका सम्मान करने की यहां परम्परा रही है। समारोह समिति के संयोजक चेतन स्वामी ने बताया कि इस समारोह में नगर के अन्य तीस जनों ने भी अपनी श्रद्धा स्वामी के प्रति सम्मान राशि समर्पित कर प्रकट की है। समारोह में रूपचंद सोनी, श्रवण कुमार सिंधी, भंवर भोजक, सत्य योगी, गजानंद सेवग, सीताराम आसोपा, तुलसीराम चौरड़िया, डॉ. रामकृष्ण शर्मा, सोहन ओझा, गोपी पटवारी, विनोद सिखवाल, गोविन्द राम सोनी, गिरधारीलाल बिहानी, राजकुमार जोशी, मनीष शर्मा तथा राजीव श्रीवास्तव ने भी स्वामी का माला पहनाकर सम्मान किया। सम्मान प्रदाता गौरीशंकर राठी का आभार सुशील सेरड़िया ने प्रकट किया।



