May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 अगस्त 2022। मंकीपॉक्स के मामले देशभर में बढ़ रहे हैं। इस वक्त भारत में इस बीमारी के कुल 7 मामले सामने आए हैं, जिसमें से तीन दिल्ली में हैं। दुनियाभर की बात करें तो मंकीपॉक्स के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मई से अब तक लगभग 80 देशों में 21,000 से अधिक मामले सामने आए हैं।

ऐसे में एक्सपर्ट्स वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही मंकीपॉक्स के लक्षणों के बारे में जानकारी रखना भी ज़रूरी है।

तो आइए जानें कि मंकीपॉक्स के लक्षण कि तरह महसूस होने शुरू होते हैं।

शुरुआत होती है इन लक्षणों से

मंकीपॉक्स के ज़्यादातर मामलों में शुरुआत, बुखार, थकावट और शरीर में दर्द से होती है। ये लक्षण आमतौर पर तब दिखाई देते हैं, जब कोई व्यक्ति संक्रमित हो जाता है और अक्सर ऊपरी श्वसन प्रणाली से जुड़े होते हैं।

इसके बाद लिम्फ नोड्स में सूजन शुरू होती है

लिम्फैडेनोपैथी एक शब्द है, जिसका उपयोग लिम्फ नोड्स की सूजन के लिए किया जाता है। लिम्फ नोड्स छोटी ग्रंथियां होती हैं, जो लसीका द्रव के माध्यम से यात्रा करने वाले पदार्थों को छानने के लिए ज़िम्मेदार होती हैं, और उनमें श्वेत रक्त कोशिकाएं होती हैं, जो शरीर को संक्रमण और बीमारी से लड़ने में मदद करती हैं।

बुखार के बाद एक से तीन दिनों में रैशेज़ आते हैं

लिम्फैडेनोपैथी के बाद हाथों, पैरों, चेहरे, मुंह और यहां कि गुप्तांगों में रैशेज़ आने लगते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बुखार के एक से तीन दिन बात रैशेज़ आने लगते हैं। फिर रैशेज़ उभरे हुए दानों में तबदील हो जाते हैं, जिसमें पस भरा होता है, जिसका मतलब है कि शरीर बेहतर हो रहा है।

मंकीपॉक्स संक्रमण से रिकवर होने में कितने दिन लगते हैं?

WHO के मुताबिक, मंकीपॉक्स दो से 4 हफ्तों तक रहता है। इसके अलावा, मंकीपॉक्स से संक्रमित होने और लक्षण दिखने के बीच 6 से 13 दिन लग सकते हैं, कई मामलों में 5 से 21 दिन भी लग सकते हैं।

मंकीपॉक्स के बारे में ज़रूरी बातें

मंकीपॉक्स संक्रमण से मौत होना आम नहीं है, लेकिन नामुमकिन नहीं है। मंकीपॉक्स संक्रमण की वजह से सबसे ज़्यादा मौतें अफ्रीका में देखी गई हैं। जहां मंकीपॉक्स का कहर सालों से है। अफ्रीका के बाहर देशों में मंकीपॉक्स से जान जाने की संभावना काफी कम है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन देशों में मंकीपॉक्स का दूसरा वेरिएंट संक्रमण का कारण है।