






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 मार्च 2026। पढें आज का पंचांग।
🚩श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 20 – Mar – 2026
☀ Sri Dungargarh, India
☀ पंचांग
🔅 तिथि द्वितीया +02:33 AM
🔅 नक्षत्र रेवती +02:28 AM
🔅 करण :
बालव 03:46 PM
कौलव 03:46 PM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग ब्रह्म 10:14 PM
🔅 वार शुक्रवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:38 AM
🔅 चन्द्रोदय 07:10 AM
🔅 चन्द्र राशि मीन
🔅 चन्द्र वास उत्तर
🔅 सूर्यास्त 06:45 PM
🔅 चन्द्रास्त 08:15 PM
🔅 ऋतु वसंत
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1948 पराभव
🔅 कलि सम्वत 5127
🔅 दिन काल 12:06 PM
🔅 विक्रम सम्वत 2083
🔅 मास अमांत चैत्र
🔅 मास पूर्णिमांत चैत्र
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 12:17:37 – 13:06:03
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 09:03 AM – 09:52 AM
🔅 कंटक 01:54 PM – 02:42 PM
🔅 यमघण्ट 05:08 PM – 05:56 PM
🔅 राहु काल 11:11 AM – 12:41 PM
🔅 कुलिक 09:03 AM – 09:52 AM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 03:31 PM – 04:19 PM
🔅 यमगण्ड 03:43 PM – 05:14 PM
🔅 गुलिक काल 08:09 AM – 09:40 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पश्चिम
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन
📜 चोघडिया 📜
🔅चल 06:38:41 – 08:09:28
🔅लाभ 08:09:28 – 09:40:15
🔅अमृत 09:40:15 – 11:11:03
🔅काल 11:11:03 – 12:41:50
🔅शुभ 12:41:50 – 14:12:37
🔅रोग 14:12:37 – 15:43:25
🔅उद्वेग 15:43:25 – 17:14:12
🔅चल 17:14:12 – 18:44:59
🔅रोग 18:45:00 – 20:14:04
🔅काल 20:14:04 – 21:43:08
🔅लाभ 21:43:08 – 23:12:12
🔅उद्वेग 23:12:12 – 24:41:16
🔅शुभ 24:41:16 – 26:10:20
🔅अमृत 26:10:20 – 27:39:24
🔅चल 27:39:24 – 29:08:28
🔅रोग 29:08:28 – 30:37:32
📜 लग्न तालिका 📜
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 06:27 AM समाप्त: 07:52 AM
🔅 मेष चर
शुरू: 07:52 AM समाप्त: 09:28 AM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 09:28 AM समाप्त: 11:24 AM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 11:24 AM समाप्त: 01:39 PM
🔅 कर्क चर
शुरू: 01:39 PM समाप्त: 03:59 PM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 03:59 PM समाप्त: 06:16 PM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 06:16 PM समाप्त: 08:32 PM
🔅 तुला चर
शुरू: 08:32 PM समाप्त: 10:52 PM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 10:52 PM समाप्त: अगले दिन 01:10 AM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 01:10 AM समाप्त: अगले दिन 03:15 AM
🔅 मकर चर
शुरू: अगले दिन 03:15 AM समाप्त: अगले दिन 04:58 AM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: अगले दिन 04:58 AM समाप्त: अगले दिन 06:27 AM
🌼 आप सभी को नवरात्री के दूसरे दिन की हार्दिक शुभकामनायें , जय माँ ब्रह्मचारिणी
आज चैत्र नवरात्री का दूसरा दिन है । नवरात्र के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली।
अर्थात ब्रह्मचारिणी का अर्थ है तप, त्याग और वैराग्य का आचरण करने वाली। इन्होंने भगवान भोलेनाथ जी को अपने पति के रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी।
इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएँ हाथ में कमण्डल सुशोभित है।
मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से सभी परेशानियां भी खत्म होती हैं, समस्त रूके हुए कार्य पूरे हो जाते हैं।
माँ ब्रह्मचारिणी देवी की कृपा से भक्तो को सर्व सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है। इस दिन ऐसी कन्याओं का पूजन किया जाता है कि जिनका विवाह तय हो गया है लेकिन शादी ना हुई हो।
नवरात्री के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर का भोग चढ़ाया जाता है। मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर का भोग लगाने से दीर्घ आयु का वरदान मिलता है।
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री



