






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 जनवरी 2025। मोमासर बास निवासी जाह्नवी मोदी पुत्री सीताराम मोदी के अपहरण की घटना पर मंगलवार को पुलिस को भी विश्वास नहीं हुआ। वहीं घटना में सोशल मीडिया पर कुछ गैर जिम्मेदाराना रवैया देखने को मिला और मामले को बेवजह हवा दी गई। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे 19 वर्षीय जाह्नवी का आरोपी युवक के साथ विवाह का वीडियो वायरल हुआ व प्रमाण पत्र भी सामने आया। ऐसे में ऊर्जा की हास्यास्पद बर्बादी पर कई समझदारों ने सिर पीट लिया। हालांकि पुलिस ने बीती रात तथ्यों के आधार पर कुछ ऐसा ही अंदेशा जताया था। थानाधिकारी जितेंद्र स्वामी ने टाइम्स को बताया कि माता की परिवाद के बाद पुलिस द्वारा लगातार छानबीन की जा रही है। और सोशल मीडिया के द्वारा विवाह का वीडियो व प्रमाण पत्र प्राप्त हुए है परंतु युवती के बयान होने के बाद ही आगामी कार्यवाही की जाएगी।
टाइम्स की विश्वसनीयता कायम।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मंगलवार शाम को करीब 7.15 बजे टाइम्स कार्यालय में लड़की के अपहरण की सूचना पहुंचने के साथ ही मामले में अधिक जानकारी प्राप्त की गई तो अपहरण का आरोप संद्गिध प्रतीत हुआ। परिजनों ने भी पुलिस को संदिग्ध युवक की जानकारी नहीं देते हुए गुमराह किया गया और देर रात तक कोई लिखित परिवाद भी नहीं दी गई। ऐसे में टाइम्स ने सकारात्मक मीडिया की जिम्मेदारी निभाते हुए मामले में परिवाद देने और पुलिस रिकार्ड में दर्ज होने के बाद ही संद्गिध मामले की खबर का प्रकाशन बुधवार सुबह किया गया। सुबह तक जिले भर का मीडिया बिना किसी संवेदनशीलता के इसे लगातार अपहरण प्रचारित करता रहा व क्षेत्रवासियों में भय व दहशत का माहौल बनाता रहा। बुधवार को युवती का वीडियो व विवाह का प्रमाण पत्र सामने आने पर आमजन के मनों पर टाइम्स के प्रति विश्वसनीयता की छाप ओर अधिक गहरी हो गई।
यहां यह भी कह देना होगा कि हम में से प्रत्येक को यह समझना चाहिए कि किसी भी युवती के व्यक्तिगत मामले में संवेदनशीलता बरती जानी जरूरी है। अन्यथा वायरल होने के चक्कर में दहशत का माहौल बनाकर हम सभी कई प्रतिभावान बालिकाओं के लिए उन्नति के रास्ते बंद करवा देने के अन्याय में भागीदार भी बनते है। वहीं क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों ने पूरे प्रकरण में प्लान कर के दहशत फैलाने और पुलिस की ऊर्जा व्यर्थ करने वालो पर कार्रवाई किए जाने की मांग भी की है। विदित रहे कि इस मामले में अपहरण की झूठी सूचना पर पुलिस में जिले भर में नाकाबंदी करवाने, एडिशनल एसपी सहित बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे। साइबर टीम, श्रीडूंगरगढ़ थाने की पूरी टीम सहित सैंकडों पुलिसकर्मियों की झूठी कवायद करवा दी गई थी। ऐसे में अनेक जिम्मेदार लोग टाइम्स की विश्वसनीयता व प्रामाणिकता पर गर्व जता रहें है।






