






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 अक्टूबर 2022। आडसर बास के माहेश्वरी भवन में आयोजित भागवत कथा के पांचवे दिन आज संत श्रद्धानंद सरस्वती ने शांति के लिए भोग मार्ग को छोड़ कर योग मार्ग को अपनाने की प्रेरणा दी। संत ने कहा कि इंद्रियों को वश में करना ही योग है। उन्होंने कहा कि लघु मन संसार का संसार का चिंतन करता है और जो मन परमात्मा का चिंतन करता है वह मन महान है। कथा वाचक ने जीवन के आंनद की बात कहते हुए जीवन के हर क्षण को आंनद से पूर्ण समझने की बात कही। नारायणी देवी रामगोपाल सुथार परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा में बड़ी संख्या में शहर भर से श्रद्धालु सुनने पहुंच रहें है। ध्यान रहें सभी भागवत श्रद्धालुओं के लिए घर बैठे भागवत कथा व भक्तमाल कथा देखने व सुनने के लिए श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारण हो रहा है। आप श्रद्धालुओं को लिंक शेयर करें उन्हें ज्ञान यज्ञ से जोड़ने का पुण्य कमा सकते है।




