






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 जनवरी 2023। आज जब बाजार में गलाकाट स्पर्द्धा का युग आ गया जिसमें अपने हित के लिए व्यक्ति दूसरों के अहित के पाप से भी बाज नहीं आता, ऐसे में जब कोई ईमानदारी के गुण पर निष्ठा रखते हुए लाखों का सामान लौटा दे तो वे क्षणिक लालच में भटके लोगों को सद्प्रेरणा देने का माध्यम बनते है। ऐसा ही प्रेरणीय उदाहरण कस्बे के गजानंद व्यास ने दिया है। गजानंद गुरूवार को पूनरासर के अंजनी माता मंदिर में दर्शन करने गए। वहां मन्दिर के बाहर ही उन्हें एक पर्स मिला जिसमें एक सोने की चेन, नगदी, आधार कार्ड सहित कुछ कागज थे। व्यास उसे लेकर घर आ गए और पर्स लौटने की चिंता में उसके मालिक का पता करने में जुट गए। उन्होंने पर्स खोला तो उसमें मिली एक पर्ची पर दिए नम्बरों पर फोन कर मालिक के नम्बर लिए। पर्स मालिक पीलीबंगा निवासी एक शिक्षक परिवार सहित पूनरासर बाबा के दर्शन करने आए थे। पर्स में करीब सवा लाख रुपये के गहने थे। पर्स मालिक पर्स की खोजबीन में ही जुटे थे और उन्हें श्रीडूंगरगढ़ में व्यास के पास पर्स होने की सूचना मिली तो वे यहां पहुंचे। व्यास ने पर्स लौटाया तो गद्गद भाव से आभार जताते हुए शिक्षक सज्जन कुमार कुमावत का गला भर आया। उन्होंने कहा की हमें गर्व है कि आज भी ऐसे लोग है जो मानवीय मूल्यों के संरक्षण में योगदान दे रहें है। सामान पाकर वे प्रसन्न मन से लौटे और व्यास ने टाइम्स को बताया कि माता पिता ने सदैव किसी दूसरे के धन पर नजर रखना पाप तुल्य बताया और आज भी पाप से भय लगता है। व्यास के इस कार्य का पता मोहल्ले में जिसे भी चला उसने उनके कार्य की सराहना की और भले आदमी होने का सम्मान भी दिया।




