






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 अप्रैल 2022। दिवंगत रेंवतमल नैण ने अपनी उम्र भर एक विचारों की क्रांति की ज्योत जलाए रखी एवं उनसे प्रेरणा लेकर ना केवल श्रीडूंगरगढ़ में बल्कि पूरे जिले में अनेकों युवाओं ने प्रगतिशील विचारों को आत्मसात किया। ऐसे में उनको सच्ची श्रृद्धांजलि यही होगी कि उनके विचारों को सदैव जिंदा रखा जाए। यह बात शनिवार को नैण की प्रथम पुण्यतिथी पर विधायक जनसेवा केन्द्र में आयोजित श्रृद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कही। सभा में क्षेत्रिय विधायक गिरधारीलाल महिया ने नैण को अपना राजनैतिक गुरू बताते हुए उन्हें एक सच्चा सलाहकार एवं मार्गदर्शक बताया। महिया उनके साथ बिताए संस्मरण याद करते हुए भावुक हो गए एवं नम आंखों से नैण को श्रृद्धांजलि दी। इस मौके पर पूर्व प्रधान दानाराम भामू, श्याम महर्षि, श्यामसुंदर आर्य, नौरंगलाल वर्मा चूरू, तुलसीराम चौरडिया, सोहनलाल गोदारा, विवेक माचरा आदि ने भी विचार व्यक्त किए एवं नैण की स्मृति को सदैव अपने बीच में रखने के लिए पीपल के पेड़ों का बगीचा लगाने, रेवंतमल नैण लाईब्ररी बनाने पर विचार विर्मश किया। इस दौरान सभा में तुलछीराम गोदारा, मोहननाथ सिद्ध लिखमादेसर, सरपंच हेतराम जाखड़, शिव जोशी, रामकिशन तर्ड, पूर्व सरपंच दानाराम भादू, रतनसिंह राठौड़, ठाकरमल प्रजापत, बीरबलनाथ सिद्ध, भंवरलाल बाना, काननाथ सिद्ध, गोपाल जाखड़, नत्थुनाथ सिद्ध, मोहनलाल भादू, सुभाष पूनियां, नवीन गावडिया, हनुमान मेघवाल, रोहिताश सारण, भंवर प्रजापत, बंशीलाल मील, मुकेश सिद्ध, लाला विश्नोई, ओमनाथ बलिहारा, भागीरथ खिलेरी, मुखराम गोदारा, राजेश भादू, रामचंद्र नैण, एडवोकेट रणवीरसिंह खिची, नारायणनाथ सिद्ध, श्रवणकुमार भामू सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्धजन मौजुद रहे। सभी ने दिवंगत नैण के चित्र पर पुष्प अर्पित किए एवं अपनी श्रृद्धांजलि दी। नैण के पुत्र श्रवण कुमार, संतोष कुमार नैण ने आभार जताया।









