May 20, 2026
008

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 अप्रैल 2023। सोमवार रात नेशनल हाइवे पर 2 मोटरसाइकिलों की भिड़ंत में 3 जनों की मौत के दौरान का दृश्य वहां पर पहुंचे टाइम्स के पाठक मघाराम सुथार ने अपनी आंखों से देखा और उन्हीं की कलम से टाइम्स के पाठकों के लिए यह खबर प्रकाशित की जा रही है। ताकि हम सभी हादसों की भयावता और गम्भीरता को समझते हुए वाहन चलाने के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करने का संकल्प लें। इस ख़बर को पढ़ कर या फोटो देख कर आप विचलित हो सकते है।

बेटे को बचाओ, दर्द में कराहते पिता के मुंह से निकले यही शब्द, ह्रदय विदारक क्रंदन से गूंज उठी सड़क।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के लिए मघाराम सुथार। फूटा हुआ सिर, आंख पर लगे कट से चिरी हुई आंख, चकनाचूर हो चुकी पैर की हड्डी, चारों ओर बिखर गए शरीर से अलग मांस के टुकड़े और खून से लथपथ सड़क। दिल दहला देने वाला ये दृश्य सोमवार रात हेमासर फांटे पर हुई दुर्घटना में देखने के बाद पूरी रात मैं सो नहीं पाया। रह रह कर मन में गूंज रहा था कि भगवान करे किसी को सड़क पर चढ़ना ही नहीं पड़े। पिछले 10 साल से लगातार मैं गांव बिग्गा से बीकानेर के बीच अपडाउन करता हूं, बहुत बार दुर्घटनाओं को सुना और दुर्घटनाओं को देखा भी लेकिन मन को विचलित करने वाली चीखों के बीच ये हालात पहली बार देखे। दुर्घटना होने के बाद चारों घायल सड़क के बीचोबीच पड़े थे और बुरी तरह से कराहते हुए जान बचाने के लिए पुकार लगा रहे थे। हादसे में जान गंवाने वाले मोतीराम का सर एकदम से फटा हुआ था और खून की फूटी धार से सड़क लाल हो गई थी। इस हाल में भी धोती पहने हुए बुजुर्ग मोतीराम के मुंह से यही शब्द निकल रहे थे कि बेटे को बचा लो वरना पूरा परिवार रूल जाएगा। यह देख वहां मौजूद हर एक जने की आंखों से आंसू रूक नहीं रहें थे। घटना स्थल पर पहुंचने वाली दूसरी गाड़ी मेरी ही थी और गाड़ी से उतर कर हादसा देखा तो अन्य गाड़ियों को रोका। हादसा सड़क के बीचोबीच ही हुआ था और चारों घायल सड़क पर ही पड़े तड़प रहे थे। पीछे आने वाली अन्य गाड़ियां तेज गति में उन्हें कुचल ना दे इसलिए सड़क पर एक ओर स्लीपर बस को और दूसरी ओर पिकअप को सड़क पर आड़ा खड़ा करवाया गया। मौके पर भीड़ तो सैंकड़ो लोगो की हो गई पर घायलों के पास हम 2-3 लोग ही आए बाकी सब दूर खड़े देख ही रहे थे। घायलों को संभाला इतनी देर में एम्बुलेंस भी पहुंची तो घायलों को उसमें डलवाया।

हेलमेट क्यों नही पहना.? मौत से डरना चाहिए।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। घटना में दोनों बाइक पर सवार चारों जनों के हेलमेट नहीं था और दो मौतें सर पर गम्भीर चोट लगने से अत्यधिक खुन बह जाने से ही हुई है। अगर हेलमेट होता तो शायद ये युवा प्राण बच जाते। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स सभी पाठकों से अपील करता है कि दुपहिया वाहनों पर बैठने से पहले हेलमेट लगाकर ही बैठने का संकल्प ले लेवें और अपने सभी परिचितों, रिश्तेदारों को भी यह संकल्प दिलवाए। एक अनुमान में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में पिछले 1 साल में 30 से अधिक युवाओं की मौत दुर्घटना से नहीं बल्कि दुर्घटना के दौरान हेलमेट नहीं होने से हुई है।

और कितनी बली लेगा ट्रॉमा सेंटर का अभाव, जागो जन प्रतिनिधियों।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में से होकर गुजरने वाले करीब 70 किलोमीटर का नेशनल हाइवे पूरे राज्य में सर्वाधिक दुर्घटनाओं वाला हाइवे क्षेत्र सरकारी आंकड़ों में बन चुका है। यहां हर रोज हादसों में जान गंवाने वाले युवाओं की जिंदगियां सम्भवतः यहां ट्रॉमा सेंटर होने से बच सकती है। लंबे समय की मांग के बाद राज्य सरकार के गत बजट में ट्रॉमा सेंटर की घोषणा भी की जा चुकी। लेकिन घोषणा को मूर्त रूप देने की दिशा में अभी कदम सुस्त ही है। यहां ट्रॉमा सेंटर के लिए भूमि का चयन भी हो चुका है लेकिन मामला जयपुर में लटका हुआ है। क्षेत्रवासियों का राज्य सरकार से यही सवाल है कि आखिर ट्रॉमा सेंटर की स्थापना के लिए और कितनी जिंदगियों की बली लेगी सरकार।

लापरवाह है अनेक युवा, नहीं जानते क्या हाल होता है परिजनों का, एडिशनल एसपी ने कहा ये…
एडिशनल एसपी दिनेश कुमार ने दो दिन पूर्व अपने अभिनंदन समारोह में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र की जनता से हेलमेट पहनने की अपील की थी। दिनेश ने कहा था कि क्षेत्र में तेज स्पीड और हेलमेट नहीं पहनने के कारण अनेक युवा सड़क पर जान गवां रहें है। उन्होंने कहा जवान मौत के बाद जब हम इनके परिजनों के हालात देखते है तो हमारा भी कलेजा बैठ सा जाता है परंतु जोश में युवाओं का ना स्पीड पर कंट्रोल है और न ही हेलमेट पहनने को लेकर कोई जागरूकता है। बता देवें श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स भी लगातार युवाओं से हेलमेट पहनने और रफ्तार धीरे रखने की अपील करता है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ह्रदय विदारक हादसे में हर किसी की आखों से बहे आंसू।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पिता कर रहा था बेटे को बचाने की गुहार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कराह व क्रंदन से गूंज उठा हाइवे।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हादसे के 12 घंटे बाद सड़क पर है खून के निशान।