






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 अप्रेल 2023। क्षेत्र का अतिप्राचीन गांव जो सन 1545 में 360 गांवो का मुखिया था वह आज आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में भी अपने ग्राम पंचायत मुख्यालय से जुड़ने के लिए संघर्ष कर रहा है। 11 गांवो के ग्रामीण ग्राम पंचायत डेलवां से लाधड़िया को जोड़ने की मांग को लेकर लामबंद हो रहें है और प्रदर्शन की रणनीति का ऐलान कर दिया है। संपर्क सड़क संघर्ष समिति के तत्वाधान में शुक्रवार देर शाम उदरासर में चौपाल का आयोजन किया गया। समिति के संयोजक पूर्व सैनिक धुड़ाराम गोदारा ने ग्रामीणों की सहमति से 12 अप्रेल को उपखंड कार्यालय पर महापड़ाव व प्रदर्शन की घोषणा की। गोदारा ने कहा कि डेलवां से लाधड़िया 9 किलोमीटर की सड़क के लिए करीब 25 गांवो के ग्रामीण अपने समय व धन के अपव्यय से परेशान हो गए है। अब ग्रामीण आरपार की लड़ाई के लिए तैयार है और अपना हक लेकर रहने की घोषणा कर रहें है।
सड़क समस्या के समाधान से सैंकड़ो को मिलेगी राहत।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। डेलवां से लाधड़िया 9 किलोमीटर सड़क निर्माण होने से गांव डेलवां, लाधड़िया, गुसाईंसर बड़ा, बींझासर, जालबसर, आड़सर, सुरजनसर, उदरासर, लोढेरा, मणकरासर, बीरमसर, लाखनसर तक के हजारों ग्रामीणों को राहत मिल सकेगी। इन गांवो में आपसी सामाजिक व सांस्कृतिक गहरा जुड़ाव है तथा अनेक प्रकार के आर्थिक हित भी जुड़े है। डेलवां नई ग्राम पंचायत बना तो लाधड़िया को इसमें शामिल किया गया जिससे ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाधड़िया के ग्रामीणों को अपने हर एक राजकीय कार्य के लिए ग्राम पंचायत मुख्यालय डेलवां तक जाने के लिए 9 किलोमीटर के स्थान पर 60 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। वे कालू या श्रीडूंगरगढ़ होकर जाते है जिससे वे धन व समय की बर्बादी से परेशान हो गए है।
ये बन गया है नियम।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सरकार ने गत 19 मार्च 2023 को एक नया सर्कुलर जारी कर मरूस्थलीय गांव जिनकी आबादी 350 से अधिक है को उसे डामर सड़क से जोड़ने का नियम बना दिया है। बता देवें इस नियम के तहत सरकार ने 250 की आबादी वाले 913 गांवो को जोड़ने की घोषणा इसी बजट में कर दी है। गांव लाधड़िया की आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार 450 है तथा आज 2023 में ग्रामीण जनसंख्या करीब 700 बता रहें है। ग्रामीण प्रशासन व जनप्रतिनिधियों पर लापरवाही के आरोप लगा रहें है।
ये कहा विधायक ने..
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विधायक गिरधारीलाल महिया ने टाइम्स को बताया कि ग्रामीणों की मांग जायज है और वे इस सड़क का निर्माण करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। महिया ने कहा कि प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजा गया। सड़क व परिवहन मंत्री भजनलाल जाटव को भी प्रस्ताव बना कर दिया गया है। विधानसभा में भी प्रश्न लगाकर मांग को सरकार के सामने रखा गया है। हर स्तर पर डेलवां लाधड़िया सड़क निर्माण कार्य शीघ्र करवाने के पूरजोर प्रयास किए जा रहें है।
पूर्व विधायक ने कहा ये…
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा ने कहा कि हमने विभाग सहित सरकार को ग्रामीणों की इस मांग को शीघ्र पूरा करने के लिए प्रस्ताव दिया है। हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा के दौरान ग्रामीणों को प्रधान कोटे से कच्ची सड़क की पेशकश भी की परंतु ग्रामीण डामर सड़क निर्माण की ही मांग कर रहें है। हम इस मांग का समर्थन करते है और लगातार प्रयासरत भी है।
विभाग के जिम्मेदार ने कहा ये…
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील गहलोत ने टाइम्स को बताया कि श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक में सड़क निर्माण के लिए ये सबसे प्रमुख मांग है जिसके लिए यहां के जनप्रतिनिधियों द्वारा भी लगातार विभाग को पत्र प्राप्त हो रहें है। विभाग के स्थानीय अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर इसके निर्माण के लिए प्रयासरत है और ऊपर तक इसके प्रस्ताव भिजवा दिए गए है। नियमानुसार सरकार ने 250 की आबादी वाले 913 गांवो को सड़कों से जोड़ा है परंतु लाधड़िया के लिए तकनीकि समस्या यह है कि गांव डामर सड़क से जुड़ा हुआ है। पूर्व में ये उदरासर ग्राम पंचायत में था और गत पंचायतों के परिसीमन में ये डेलवां में आ गया है। उन्होंने कहा कि विभाग के सामने तकनीकि समस्या है परंतु ग्रामीणों की समस्या से विभाग परिचित है और इसके समाधान के लिए प्रयास किए जा रहें है।
ये रहें शामिल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। उदरासर में आयोजित चौपाल में समिति संयोजक धुड़ाराम गोदारा के आह्वान पर गांव लाधड़िया से संतदास स्वामी, बंशीधर श्योराण, शिशपाल सारण, मोटाराम गोदारा, श्रवणराम नाई की अगुवाई में अनेक ग्रामीणों ने भाग लिया। बीरमसर से मांगीलाल डोटासरा, नंदलाल डोटासरा तथा सुरजनसर से छगनलाल शर्मा, गांव डेलवां से दिनेश डेलू, देवकरण पारीक, जालबसर से गोपीचंद कड़वासरा, नंदकिशोर मेघवाल, लाखनसर से मांगीलाल मेघवाल, चौखाराम भादू, चंदुराम कड़वासरा की अगुवाई में ग्रामीणों ने भाग लिया। वहीं उदरासर सरपंच किशनाराम गोदारा, सुरजाराम मोट, रामकुमार शर्मा, देदाराम गोदारा, बाबूलाल शर्मा, सुरजाराम, आशाराम फौजी, नंदलाल गोदारा, मांगीलाल मेघवाल, केसराराम ज्याणी, ललित गोस्वामी, सोहनलाल जाखड़, तोलाराम गोदारा, लालचंद मोट, चुन्नीलाल गोदारा, गंगाराम गोदारा, किसनाराम गोदारा, दुलाराम गोदारा, ओमदास स्वामी, रामकरणनाथ, जैसाराम गोदारा, बीरबलराम गोदारा, सुगनदास, सुरजाराम पंचारिया, टैकचंद शर्मा, हरिदास स्वामी, रूघदास स्वामी, सहीराम गोदारा, सोहनराम गोदारा, दुलदास स्वामी, भंवरलाल नायक सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहें। अनेक जागरूक वक्ताओं ने चौपाल को संबोधित किया ओर संपर्क सड़क की मांग को पूरजोर ढंग से उठाया।






