






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 दिसम्बर 2020। श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका अपने मूल लक्ष्य सफाई व्यवस्था करवाने में पस्त हो गयी है और रैलियां निकाल कर, घरों को उजाड़ कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रही है। पिछले कई सालों से अपने भाई द्वारा बना कर दिए गए एक मकान में बच्चों सहित रहने वाली विधवा का घर तोड़ दिया गया और बिलखती महिला को घसीट कर प्रशासन ने बाहर निकाल दिया। पालिका एक नजर शहर के मुख्य बाजार से लेकर मौहल्लों में फैली गंदगी व कचरे से अटी पड़ी नालियों से बहते पानी पर भी डाल लेवें तो कस्बेवासियों को कुछ राहत मिल सकें। प्रतिवर्ष पालिका द्वारा लाखों रूपए का बजट सफाई व्यवस्था पर खर्चा किया जाना दिखाया जाता है और शहर है कि सफाई के लिए तरसता रहता है। पालिका के सफाई कर्मचारी लगातार अफसरों के घर और सरकारी दफ्तरों में सफाई करते नजर आते है और शहरवासी गलियों में कचरे ट्रोली के इंतजार ने एक माह तक गुजार देते है। शहरवासी ट्रॉली नहीं आने की शिकायतें लगातार करते रहते है। वार्डों में कचरा ट्रॅाली आए हुए 15 दिन से एक माह तक का समय निकल जाता है। आज कस्बे सहित पूरे उपखंड के नागरिकों में चर्चा है कि शहर की सफाई व्यवस्था को दुरस्त करने का कार्य पालिका से नहीं हो पाता और अतिक्रमण के नाम पर नागरिकों में दहशत फैलाने का कार्य कर रही है। आप भी नीचे दिए सभी फ़ोटो देखें ये आज के है। आज पालिका के सफाई कार्मिक काम पर नहीं गए और पूरे कस्बे में जगह जगह कीचड़ फेल रहा है, गंदे पानी के तालाब बन रहे हैं।








